MCD चुनाव में टिकट न मिलने से AAP की शरण में गए नाराज BJP पार्षद
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भाजपा को पार्षदों का टिकट काटने के मामले में झटके लगने शुरू हो गए हैं। सुल्तानपुरी ईस्ट वार्ड से दो बार से भाजपा से पार्षद रहीं सुशीला बागड़ी के पिता और भाजपा नेता नंदराम बागड़ी ने पार्टी आलाकमान के निर्णय के खिलाफ बगावत कर सोमवार सुबह आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
पार्षदों का टिकट काटने को लेकर आलाकमान के निर्णय के बाद भाजपा छोड़ने वाले बागड़ी पहले नेता हैं। इतना ही नहीं, आम आदमी पार्टी ने उनको हाथों हाथ लेते हुए सुल्तानपुरी बी वार्ड से टिकट दे दिया।
हालांकि उनकी पार्षद बेटी सुशीला बागड़ी ने अभी भाजपा नहीं छोड़ी है, लेकिन वह नगर निगम चुनाव में पार्टी के बजाए अपने पिता का साथ देंगी। उन्होंने कहा कि माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है।
चुनावी दंगल में कूदे अपने पिता के प्रचार की कमान संभालेगी
इस कारण वह चुनावी दंगल में कूदे अपने पिता के प्रचार की कमान संभालेगी। भले ही भाजपा उनको पार्टी से निकाल दे। नंदराम बागड़ी सुल्तानपुरी इलाके के कद्दावर नेता माने जाते है।
वह इस इलाके से वर्ष 1993 में जनता दल, वर्ष 1998 में निर्दलीय और 2008 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि वह चुनाव हार गए, लेकिन वर्ष 2007 और 2012 में उन्होंने कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाते हुए इलाके के एक वार्ड से भाजपा के टिकट पर अपनी बेटी को पार्षद का चुनाव जीता दिया।
यह पहला अवसर था जब किसी चुनाव में भाजपा ने यहां से जीत हासिल की थी। वर्ष 2013 में भाजपा ने सुल्तानपुर माजरा क्षेत्र से सुशीला बागड़ी को विस चुनाव लड़ाया था।