{"_id":"5be7619cbdec2269c41f537c","slug":"third-degree-torcher-case-two-suspended-policemen-arrested","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"थर्ड डिग्री टॉर्चर मामला: दो निलंबित पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो दिन के रिमांड पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थर्ड डिग्री टॉर्चर मामला: दो निलंबित पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो दिन के रिमांड पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 11 Nov 2018 04:24 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओल्ड फरीदाबाद निवासी टैक्सी चालक राजेंद्र को गैरकानूनी ढंग से बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने के मामले में ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही मनोज और अंशुल को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में तीसरे आरोपी क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 के पूर्व प्रभारी एसआई रविंद्र अभी गिरफ्त से बाहर हैं। तीनों को पुलिस आयुक्त ने 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था। पुलिस का कहना है कि एसआई रविंद्र को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ओल्ड फरीदाबाद निवासी राजेंद्र टैक्सी चलाता है। 30 अक्तूबर को सेक्टर-29 बाईपास रोड स्थित शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ले गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं।
विज्ञापन
आरोप है कि सभी नशे में धुत थे और उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे।
विज्ञापन
उन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में तीसरे आरोपी क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 के पूर्व प्रभारी एसआई रविंद्र अभी गिरफ्त से बाहर हैं। तीनों को पुलिस आयुक्त ने 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था। पुलिस का कहना है कि एसआई रविंद्र को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
ओल्ड फरीदाबाद निवासी राजेंद्र टैक्सी चलाता है। 30 अक्तूबर को सेक्टर-29 बाईपास रोड स्थित शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ले गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं।
विज्ञापन
आरोप है कि सभी नशे में धुत थे और उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे।
जांच में एसआई राजेंद्र, सिपाही मनोज व अंशुल के नाम सामने आए। इस पर पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 प्रभारी एसआई रविंद्र और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अंशुल और मनोज को गत 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था।
मामले की जांच एसीपी क्राइम यशपाल खटाना को सौंपी गई थी। उनकी रिपोर्ट पर डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह की संस्तुति पर ओल्ड फरीदाबाद थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ 3 नवंबर को अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ओल्ड फरीदाबाद थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने इस मामले में सिपाही मनोज व अंशुल को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामले की जांच एसीपी क्राइम यशपाल खटाना को सौंपी गई थी। उनकी रिपोर्ट पर डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह की संस्तुति पर ओल्ड फरीदाबाद थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ 3 नवंबर को अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ओल्ड फरीदाबाद थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने इस मामले में सिपाही मनोज व अंशुल को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।