ट्रेन में रिजर्वेशन करवाने से पहले देख लें ये लिस्ट, ये ट्रेनें हो रहीं बेहद लेट
रेलवे की तमाम कोशिश के बावजूद ट्रेन समय पर नहीं चल रही हैं। प्रतिदिन ट्रेन कई घंटे की देरी से संचालित हो रही हैं। जबकि ना मौसम खराब है और ना ही घना कोहरा ही ट्रैक पर है।
मंगलवार को मगध, स्वतंत्रता सेनानी, पुरुषोत्तम, हावड़ा दुरंतो, जीटी समेत कई ट्रेन घंटों देरी से चलीं। कई ट्रेनें निरस्त रहीं। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई।
गर्मी के मौसम में पैसेंजर सहित सुपरफास्ट व प्रीमियम ट्रेनें तक लेट हो रही हैं। मंगलवार को मगध एक्सप्रेस 8 घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची।
हावड़ा दुरंतो 6 घंटे, स्वतंत्रता सेनानी 4 घंटे, पुरुषोत्तम 3 घंटे देरी से पहुंची। इसके कारण वापसी दिशा में भी ट्रेनें देरी से संचालित हो रही हैं।
ये भी ट्रेनें लेट
हावड़ा दुरंतो दोपहर 12:55 बजे की जगह शाम 4:20 बजे रवाना की गई। महाबोधी दोपहर 12:05 बजे की जगह दोपहर 2:5 बजे रवाना हुई।
बरेली-भुंज आला हजरत एक्सप्रेस, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस, जम्मू तवी-भागलपुर अमरनाथ एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त कर दी गई।
बुधवार को भी अमृतसर-सहरसा जनसेवा एक्सप्रेस, भुंज-बरेली आला हजरत एक्सप्रेस निरस्त रहेगी तो बृहस्पतिवार को शहीद एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रहेगी। सुपरफास्ट राजधानी व शताब्दी ट्रेनों की चाल भी इन दिनों ठिठकी हुई है।
एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता चार से छह फीसदी घटी
पिछले साल एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता 76 प्रतिशत थी। इस साल यह घटकर 70-72 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं पैसेंजर ट्रेनों की समयबद्धता पिछले साल 76.53 प्रतिशत थी।
इस साल यह घटकर 72.66 प्रतिशत हो गई है। समय से ट्रेन संचालन में सबसे बुरा हाल नार्थ सेंट्रल रेलवे का है। इस जोन से संचालित होने वाली ट्रेनों की समयबद्धता 40-45 प्रतिशत ही रही।
ट्रैफिक ब्लॉक से ट्रेनें हो रहीं लेट
आंकड़ों की मानें तो फरवरी महीने में 8542 मेल व एक्सप्रेस ट्रेन अपने गंतव्य तक देरी से पहुंची। इसी तरह 6487 सुपरफास्ट ट्रेनें अपने समय पर नहीं चलीं।
रेलवे का कहना है कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुख्य कारण ट्रैफिक ब्लॉक है। निर्माण कार्य के लिए पिछले साल जहां 14 लाख घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक किया गया था तो इस साल 18 लाख 90 हजार घंटा ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है।