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दो लाख बताई कीमत, अब मांग रहे सात लाख
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 03 Mar 2016 12:38 AM IST
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जीडीए ने प्रताप विहार में 2009 में लांच की गई ईडब्ल्यूएस स्कीम के फ्लैटों की कीमत दो लाख से बढ़ाकर सात लाख कर दी। बढ़ी कीमत के नोटिस मिले तो आवंटियों में हड़कंप मच गया।
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परेशान आवंटियों ने हाईकोर्ट में जीडीए की मनमानी के खिलाफ याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने जीडीए को 17 मार्च को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
समाजसेवी वेदप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि 2009 में जीडीए ने 10 मंजिला टावर में ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की स्कीम लांच की थी।
सफल आवेदकों से जीडीए 2009 से ही किस्त लेता आ रहा है। 2016 में इन फ्लैटों की कीमत बढ़ाकर सात लाख कर दी गई। भवन का कब्जा भी सात वर्ष लेट हो चुका है।
इसके खिलाफ हाईकोर्ट में आवंटियों ने याचिका दायर की। कोर्ट जीडीए को हलफनामा दायर करने और मूल्य वृद्धि का कारण बताने के लिए 17 मार्च की डेट तय की है।
जीडीए के एलए राजेंद्र त्यागी ने कहा कि 20-11-1999 का एक शासनादेश है कि यदि अनुमानित और वास्तविक मूल्य में 10 फीसदी से अधिक का अंतर आता है तो आवंटी अपनी जमा धनराशि 9 फीसदी ब्याज के साथ वापस ले सकता है। 17 मार्च को प्राधिकरण कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
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