उपचुनावों ने दिया भाजपा दिग्गजों को झटका, सासंदो के क्षेत्र में नहीं खुला खाता
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तीनों नगर निगम के उपचुनाव परिणाम ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत पांच सांसदों को भी करारा झटका दिया है। चार सांसदों के इलाकों में भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका जबकि एक सांसद के इलाके में तीन में से मात्र एक ही सीट पर भाजपा जीत सकी।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के प्रभाव वाले दक्षिण दिल्ली नगर निगम के सात वार्डों में से भाजपा मात्र एक ही सीट पर जीतने में कामयाब हुई। वह प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले इस नगर निगम की सबसे ताकतवर माने जाने वाली स्थायी समिति के अध्यक्ष थे।
भाजपा सांसदों में केवल डा. हर्षवर्धन के चांदनी चौक व प्रवेश वर्मा के पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्रों में ही भाजपा को जीत नसीब हो सकी। चांदनी चौक के तीन वार्डों में उपचुनाव हुआ, जिनमें से भाजपा वजीरपुर और शालीमार बाग वार्ड में जीत सकी, उसे बल्लीमारान वार्ड में हार का सामना करना पड़ा। पश्चिमी दिल्ली के तीन वार्डों में से भाजपा केवल नवादा वार्ड में ही जीत हासिल कर सकी। इस क्षेत्र के मटियाला और विकास नगर वार्ड में भाजपाउम्मीदवार हार गए।
डा. हर्षवर्धन के चांदनी चौक में भाजपा को मिली जीत
उत्तर पश्चिम दिल्ली के सांसद उदित राज के क्षेत्र के एक वार्ड में चुनाव हुआ। उनके क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर वार्ड में भाजपा उम्मीदवार हार गए। उपचुनाव में सबसे बड़ी हार का अंतर इसी वार्ड में रहा है। नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी, दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी और पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी के क्षेत्र में भी भाजपा को जीतनहीं मिली।
उनके क्षेत्र के दो-दो वार्ड में उपचुनाव हुआ था। वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अधीन आने वाले पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में तो कांग्रेस ने भाजपा के साथ-साथ आम आदमी पार्टी को भी करारा झटका दिया। उसने इन दोनों दलों का खाता नहीं खुलने दिया।
भाजपा ने दोनों वार्डों में पूर्व विधायकों को मैदान में उतारा था, लेकिन वह भी भाजपा की नैया पार नहीं लगा सके। खास बात यह है कि खिचड़ीपुर से चुनाव लड़े पूर्व विधायक विनोद कुमार बिन्नी इस वार्ड से दो बार निर्दलीय पार्षद चुने जा चुके है। उनकी भांति झिलमिल वार्ड से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह शंटी भी इस वार्ड से एक बार निर्दलीय और एक बार भाजपा के टिकट पर पार्षद बने थे।