'लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर दर्ज हो अपराधिक मामला'
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सुनपेड़ मामले में तलब किए गए जिला उपायुक्त और पुलिस कमिश्नर से घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
उक्त दोनों अधिकारी 17 नवंबर को दोबारा आयोग के सामने पेश होंगे और स्टेटस रिपोर्ट देंगे। अनुसूचित जाति आयोग ने सुनपेड़ मामले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिला उपायुक्त और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर 26 अक्तूबर को पेश होने का आदेश दिया था।
आयोग के चेयरमैन डॉ. पीएल पुनिया ने बताया कि अधिकारियों ने घटना के बाबत पूरी रिपोर्ट उन्हें दी है। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों से कहा गया है कि जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही से ये घटना हुई है।
'...तो नहीं होती ये घटना'
उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। उल्लेखनीय है कि तिहरे हत्याकांड के बाद जब पीड़ित परिवार घर छोड़ दिया था तब पुलिस कमिश्नर ने ही उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने का लिखित में भरोसा दिया था।
उसी भरोसे के कारण पीड़ित परिवार गांव में आकर रहने लगा था। आयोग ने माना कि यदि पुलिस सतर्क होती तो ये घटना नहीं होती।
बता दें कि घटना के बाद सदर थाने के एसएचओ अनिल कुमार, एएसआई वली मोहम्मद, ईएसआई हरि सिंह, श्रीभगवान, कांस्टेबल सतीश, विकास, संदीप और राममेहर को निलंबित किया जा चुका है।