फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The fireplace lit to save a sick family turned deadly.

दिल्ली अग्निकांड : बीमार परिवार को बचाने के लिए जलाई अंगीठी बनी जानलेवा, राहत की चाहत में आ गई आफत

Mon, 15 Jan 2024 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा राजीव कुमार, नई दिल्ली
राजीव कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 Jan 2024 06:27 AM IST
सार

अलीपुर के खेड़ा कलां गांव में रहने वाले लोग राकेश, उनकी पत्नी व दो मासूम बच्चों की मौत से स्तब्ध हैं। सभी इस बात का चर्चा कर रहे हैं कि एक छोटी सी गलती ने पूरे परिवार को लील लिया।

विज्ञापन
The fireplace lit to save a sick family turned deadly.
हादसे के बाद... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूस की सर्द रात में बीमार परिवार की राहत के लिए राकेश ने अंगीठी जलाई थी। साथ ही कमरे के दरवाजे और खिड़की को भी बंद कर दिया था। गरमाहट के लिए यही लालच जानलेवा साबित हुआ। अलीपुर के खेड़ा कलां गांव में रहने वाले लोग राकेश, उनकी पत्नी व दो मासूम बच्चों की मौत से स्तब्ध हैं। सभी इस बात का चर्चा कर रहे हैं कि एक छोटी सी गलती ने पूरे परिवार को लील लिया।

विज्ञापन


वहीं, गांव में रहने वाले राकेश के चचेरे भाई राजू मायूसी से कहते हैं कि राकेश ने बीमार परिवार को कंपकंपाती ठंड से राहत दिलाने के लिए अंगीठी जलाई थी, लेकिन उनको शायद आभास भी नहीं था कि वह सुबह सही सलामत नहीं उठ पाएंगे।
विज्ञापन


राजू ने बताया कि राकेश टैंकर चलाता था। करीब तीन माह पहले किराये पर कमरा लेने के बाद वह डेढ़ माह पहले पत्नी और बच्चे को बिहार के मुंगेर से लेकर यहां आया था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्होंने पलंग नहीं खरीदा था। सर्द रातों में वह और परिवार जमीन पर ही बिस्तर लगाकर सोता था। ठंड की वजह से करीब एक माह से उनकी पत्नी और बच्चे की तबीयत खराब थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजू ने बताया कि शनिवार रात दो बजे तक वह राकेश के साथ ही घर के बाहर अंगीठी जलाकर बातचीत कर रहा था। वह परिवार के सदस्यों के बीमार होने से काफी दुखी था। सुबह राकेश को टैंकर लेकर जाना था, इसलिए वह अंगीठी लेकर कमरे में चला गया ताकि परिवार के सदस्यों को ठंड से बचा सके। सुबह वह राकेश के बुलाने गया तो वह परिवार समेत अचेतावस्था में पड़ा था।

लोहड़ी मनाने के बाद बाल्टी में भरकर कमरे में ले गए थे लकड़ी का कोयला
इंद्रपुरी इलाके में रेस्तरां के मालिक के चालक और रसोइए की मौत के मामले की जांच में पता चला है कि दोनों ने रात में घर के बाहर लोहड़ी का पर्व मनाया था। पर्व मनाने के बाद दोनों लोहड़ी में जलाई गई लकड़ी का कोयला बाल्टी में कमरे में लेकर गए थे। 

जांच से जुड़े अधिकारी ने बताया कि अंगीठी को कमरे में रखने के बाद खिड़की को भी उनलोगों ने बंद कर दिया था ताकि कमरा गर्म हो सके। इसके अलावा कमरे में हवा आने जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। अंगीठी जला हुआ छोड़कर दोनों सो गए। आशंका है कि अंगीठी की वजह से उनका दम घुट गया। 

स्थानीय लोगों ने बताया कि राम बहादुर काफी मिलनसार थे। राम बहादुर और अभिषेक ने शनिवार रात घर के बाहर लकड़ी जलाकर लोहड़ी का पर्व मनाया। इस दौरान दोनों काफी खुश थे।  लोगों ने कोरोना के दिनों को याद कर बताया कि जिस दौरान लोग एक दूसरे से मिलने से डर रहे थे। उस दौरान राम बहादुर अपने मालिक के साथ गरीबों के घर जाते थे। वह लोगों को खाना बांटते थे। लोगों ने बताया कि उस दौरान वह कभी भी बीमारी को लेकर नहीं डरे। 

अंगीठी-हीटर जलाकर सोने से हुए हादसे

  • 11 जनवरी 2024 : बुराड़ी इलाके के वेस्ट कमल विहार में कमरे में हीटर जलाकर सोए बुजुर्ग की मौत
  • 10 जनवरी 2024 : द्वारका जिले के सेक्टर-23 थाना क्षेत्र के पोचनपुर गांव में अंगीठी जलाकर सोए दंपती की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे में दंपती का दो माह का बच्चा बाल-बाल बच गया।
  • 10 जनवरी 2024 : उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार इलाके में रूम हीटर चलाकर सोए बुजुर्ग की मौत, कमरे में लगी आग, बुरी तरह झुलसने से मौके पर दम तोड़ा।
  • 23 दिसंबर 2023 : दिल्ली के नेब सराय स्थित मंगलापुरी इलाके में कमरे में अंगीठी जलाकर सोए बाउंसर युवक विनी अरोड़ा की मौत हो गई। हादसे के दौरान कमरे में आग भी लग गई।
  • 20 जनवरी 2022 : शाहदरा जिला के सीमापुरी इलाके में कमरे में अंगीठी जलाकर सोए एक ही परिवार के पांच लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, मरने वालों में महिला व उसके चार बच्चे शामिल हैं।

खतरनाक है बंद कमरे में अंगीठी जलाना, हो सकता है हादसा
बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना खतरनाक है। कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से कमरे के अंदर रहने वाले लोग बेहोश हो सकते हैं और कुछ देर बाद मौत तक हो सकती है। 

ऐसी घटनाओं में मरने वाले को कुछ पता भी नहीं चलता। यहीं कारण है कि वह मदद के लिए गुहार भी नहीं लगा पाते। इस बारे में एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर के गुप्ता का कहना है कि कोयला या लकड़ी डालकर अंगीठी जलाना खतरनाक है। इससे कमरे में कार्बन मोनो-ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं। अगर कोई बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोता है तो कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर काफी बढ़ जाता है। इससे अंदर रहने वाले बेहोश हो सकते हैं उसके बाद व्यक्ति की जान भी जा सकती है। 

दिल्ली में हुई छह मौत के पीछे भी यहीं कारण रहा होगा। यह ऐसी घटना है जिसमें मरने वाला मदद के लिए गुहार भी नहीं लगा पाते। यह दर्द रहित मौत है। इसमें मरने वाले को कुछ पता ही नहीं चल पाता। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में अंगीठी जलाने से बचना चाहिए। यदि कोई जलाता भी है तो कमरे में कोई न कोई खिड़की खोलकर रखनी चाहिए। सोने से कुछ समय पहले अंगीठी को बंद कर देना चाहिए। 



बंद कमरे में अंगीठी, ब्लोअर से घुट सकता है दम 
विशेषज्ञों का कहना है कि धुएं के कारण बंद कमरे में दम घुटने से लोगों की मौत हो सकती है। अंगीठी जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड निकलती है। यह जहरीली गैस सांस की नली से अंदर जाने के बाद दिमाग में खून की सप्लाई बाधित कर देती है। इससे दम घुट जाता है। अंगीठी ही नहीं, रूम हीटर या ब्लोअर भी बंद कमरे में ऐसी जहरीली गैसें बना देते हैं, जो जीवन के लिए संकट खड़ा कर सकती हैं।

बरतें यह सावधानी

  • बंद कमरे में अंगीठी न जलाए, यदि जलाते हैं तो खिड़की जरूर खोले  
  • सोने से पहले अंगीठी को बंद कर दें 
  • जहां हवा-आने जाने का रास्ता न हो वहां कमरे में कभी आग न जलाएं।
  • बहुत देर तक ब्लोअर, हीटर या फिर आग के सामने बैठने से ड्राइनेस की समस्या हो सकती है, ऐसा न करें।
  • बहुत देर तक हीटर-ब्लोअर और आग के संपर्क में रहने से त्वचा की कुदरती नमी प्रभावित होती है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed