{"_id":"5e0fd3728ebc3e87a8206996","slug":"the-fire-in-the-battery-factory-of-piragarhi-continued-throughout-the-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीरागढ़ीः बैटरी की फैक्टरी में दिन भर सुलगती रही आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीरागढ़ीः बैटरी की फैक्टरी में दिन भर सुलगती रही आग
Sat, 04 Jan 2020 05:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Jan 2020 05:21 AM IST
विज्ञापन
पीरागढ़ी में आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीरागढ़ी स्थित बैटरी की फैक्टरी में शुक्रवार को भी दिनभर आग सुलगती रही। साथी की मौत का गम दिल में छिपाकर दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। उधर, मामले की जांच दिल्ली अपराध शाखा को सौंपी गई है। शाखा की टीम ने बिल्डिंग का बाहर से निरीक्षण किया।
विज्ञापन
बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से दमकलकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी थी। सीएफएल की टीम ने बिल्डिंग के पिछले हिस्से का मुआयना कर वहां से कुछ सबूत जुटाए। उधर, घायल तीन दमकलकर्मियों महावीर, मंजीत और सत्यनारायण का बालाजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अन्य सभी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन
दमकल अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग में आग बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं। जेसीबी से मलबा हटाकर आग बुझाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबा हटाने के बाद आग की लपटें निकल रही हैं।
विज्ञापन
आशंका है कि मलबे के नीचे काफी संख्या में बैटरी और केमिकल हैं। इनसे ही आग लग रही है। मलबा सावधानी से हटाने का काम जारी है। दमकल अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से उसमें किसी भी दमकल कर्मी को जाने नहीं दिया जा रहा है। इससे आग बुझाने में भी दिक्कत आ रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौका मुआयना करने के बाद अपराध शाखा की टीम ने फैक्टरी के कर्मचारियों और अधिकारियों से शुरुआती पूछताछ की। इसका मकसद यहां काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी लेना था।
साथ ही, घटना के समय मौजूद केयरटेकर व दो मजदूरों से बिल्डिंग कब बनी थी, इसमें फायर सेफ्टी के उपकरण थे या नहीं, गोदाम में क्या काम होते थे, सुरक्षा को लेकर बिल्डिंग में कितने आपातकालीन गेट थे सवाल किए गए।
पूरी तरह तोड़कर दोबारा बनेगी इमारत
मौके पर मौजूद दमकल और एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि इमारत पूरी तरह से जर्जर हो गई है। इसका पिछला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। सामने वाले हिस्से की दीवारों और सीढ़ियों में दरारें आ गई है। बेसमेंट में ब्लास्ट की वजह से इसकी नींव पर भी असर पड़ा है। भविष्य में इसे तोड़कर नए सिरे से ही बनाया जा सकता है।
इमारत को चुपचाप निहार रहे थे कर्मचारी
कर्मचारी शुक्रवार को भी अपनी फैक्टरी पहुंचे। वे चुपचाप इसकी इमारत को निहार रहेे थे। दमकलकर्मी आग पर काबू करने का प्रयास कर रहे थे। एक कर्मचारी ने बताया कि फैक्टरी में करीब सौ लोग काम करते थे। नए साल पर वे सभी उत्साहित थे। उन्होंने कार्यालय को सजाया था।