{"_id":"5862a6134f1c1b7675eebd96","slug":"the-court-said-sentencing-for-molesting-guilty-the-victim-can-not-express-it-like-parrots","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोषियों को कोर्ट ने लगाई लताड़ कहा- 'छेड़छाड़ पीड़िता तोते की तरह घटना को बयान नहीं कर सकती'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोषियों को कोर्ट ने लगाई लताड़ कहा- 'छेड़छाड़ पीड़िता तोते की तरह घटना को बयान नहीं कर सकती'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Dec 2016 10:57 AM IST
विज्ञापन
rape
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीड़िता तोते की तरह घटना को बयान नहीं कर सकती। समय बीतने के साथ बयान में मामूली विरोधाभास आना स्वाभाविक है। यह टिप्पणी अदालत ने छेड़छाड़ के मामले में चार दोषियों को एक साल की सजा सुनाते हुए की।
विज्ञापन
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने शादीशुदा महिला के घर में घुसने, छेड़छाड़ करने, धमकी देने व चोट पहुंचाने के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस राशि में 30 हजार रुपये की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
विज्ञापन
अदालत ने कहा पीड़िता के बयान से साफ है कि दोषियों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। दोषियों ने मुंह बंद कर उसके कपड़े फाड़ दिए। अदालत ने पीड़िता के बयान में विरोधाभास की दलील को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि सब कुछ उसके दिमाग में फोटो की तरह जीवंत हो और वह तोते की तरह सभी बातें कोर्ट में बयान कर दे।
विज्ञापन
अगर पीड़िता काफी लंबे समय के बाद बयान देती है तो उसके बयान में मामूली विरोधाभास आना लाजिमी है। इस मामूली विरोधाभास को तरजीह नहीं दी जा सकती। अभियोजन के मुताबिक मामले में दोषी टुकुन दास, पवन कुमार, विनोद कुमार व देवकांत गिरी 14 सितंबर 2014 की रात पड़ोस में रहने वाली महिला के घर में घुसे थे। महिला को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुर्व्यवहार व छेड़छाड़ की थी। इससे पहले महिला व विनोद के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था।