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चुनाव निपटने तक 10 लाख की ट्रांजेक्शन पर पैनी नजर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Mar 2014 12:34 PM IST
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लोकसभा निर्वाचन के चलते अब अगले तीस दिन ऐसे सभी बैंक एकाउंट पर नजर रखी जाएगी, जिसमें दस लाख या उससे ज्यादा की रकम का लेन-देन किया जाएगा।
विशेष तौर पर ऐसे बैंक एकाउंट जांच के दायरे में आ जाएंगे, जिनमें पिछले दो माह के दौरान कोई जमा या निकासी न की गई हो। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनाव के दौरान प्रत्याशी के एक-एक खर्च पर निगरानी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान खर्च की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर अब 70 लाख कर दी है।
इसी के साथ सभी बैंकों को यह गाइड लाइन भी जारी कर दी है कि प्रत्येक संदेहास्पद बैंक एकाउंट पर नजर रखी जाए। असामान्य और संदेहास्पद नगद निकासी होते ही इसकी सूचना तत्काल जिला निर्वाचन अधिकारी को दी जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी इस संबंध में आयकर विभाग के नोडल अधिकारी को सूचना देंगे। आयोग ने बैंकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि चुनावी समर के दौरान एटीएम का कैश लेकर जाने वाले निजी वाहनों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
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सुनिश्चित किया जाए कि एटीएम वैन में बैंक की नगदी के अलावा किसी अन्य पक्ष की नगदी नहीं होनी चाहिए। ऐसे सभी निजी कंपनी के वाहनों के पास मौजूदा कैश से संबंधित सभी कागजात पूरे होने चाहिए, अन्यथा उस रकम को जब्त कर लिया जाएगा।
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विशेष तौर पर ऐसे बैंक एकाउंट जांच के दायरे में आ जाएंगे, जिनमें पिछले दो माह के दौरान कोई जमा या निकासी न की गई हो। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनाव के दौरान प्रत्याशी के एक-एक खर्च पर निगरानी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान खर्च की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर अब 70 लाख कर दी है।
इसी के साथ सभी बैंकों को यह गाइड लाइन भी जारी कर दी है कि प्रत्येक संदेहास्पद बैंक एकाउंट पर नजर रखी जाए। असामान्य और संदेहास्पद नगद निकासी होते ही इसकी सूचना तत्काल जिला निर्वाचन अधिकारी को दी जाए।
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जिला निर्वाचन अधिकारी इस संबंध में आयकर विभाग के नोडल अधिकारी को सूचना देंगे। आयोग ने बैंकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि चुनावी समर के दौरान एटीएम का कैश लेकर जाने वाले निजी वाहनों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
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सुनिश्चित किया जाए कि एटीएम वैन में बैंक की नगदी के अलावा किसी अन्य पक्ष की नगदी नहीं होनी चाहिए। ऐसे सभी निजी कंपनी के वाहनों के पास मौजूदा कैश से संबंधित सभी कागजात पूरे होने चाहिए, अन्यथा उस रकम को जब्त कर लिया जाएगा।