ट्रेन की चक्कर से कार के उड़े परखचे, पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत
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पहाड़ी गांव के पास मानव रहित रेलवे फाटक पर रेल की टक्कर से रविवार की दोपहर सेंट्रो कार में सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है।
पटौदी खंड के ग्राम बिलासपुर खुर्द का रहने वाला रविन्द्र अपने आठ वर्षीय बेटे आयुष को सेंट्रो कार में सवार होकर ससुराल ढोकी पत्नी को लेने जा रहा था।जयपुर से दिल्ली आ रही समर स्पेशल रेलगाड़ी से कार को टक्कर लगी।
टक्कर इतनी तेज थी कि रेल गाड़ी कार को लगभग 500 मीटर घसीटती ले गई। हादसे में कार में सवार पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना लगभग 12 बजकर 13 मिनट दोपहर की है।
फाटक पर नहीं था कोई गैंगमैन
ग्राम पहाड़ी के कच्चे रास्ते पर स्थित मानव रहित फाटक पर रविंद्र की कार जयपुर से आ रही जयपुर दिल्ली समर स्पेशल (09725) रेलगाड़ी के सामने आ गई और रेल की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भारी संख्या में एकत्रित हो गए। उन्होंने रेल फाटक पर तैनात गैंगमैन व रेल प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त किया। उधर, रेलगाड़ी के चालक प्रदीप का कहना है कि फाटक पर कोई गैंगमैन नहीं था।
सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कार को रेल पटरी से हटा दिया और दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दुर्घटना के बाद रेल गाड़ी साढ़े चार घंटे बाद रवाना हुई। हादसे के बाद कई रेल गाड़ियां भी बाधित रहीं।