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बाढ़ से राजधानी को मिलेगी निजात: आने वाले एक हफ्ते में सुधर सकते हैं हालात, दिल्ली सरकार ने लगाया था ये आरोप

Sat, 15 Jul 2023 09:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 15 Jul 2023 09:28 PM IST
सार

सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि जब पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक से कम होती है तो दोनों नहरें चालू रहती हैं। ये आज भी चल रही हैं और आगे भी चलती रहेंगी। इन दोनों नहरों को बंद भी रखा जाए तो छोड़े जाने वाला करीब 18 हजार क्यूसेक पानी दिल्ली में यमुना बाढ़ के स्तर को कुछ सेमी ही बढ़ा पाएगा।

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The capital will get relief from floods situation can improve in coming week
हथिनीकुंड बैराज - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली में आने वाले एक हफ्ते के अंदर बाढ़ की स्थिति में सुधार हो सकता है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने कहा था कि हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यहां बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 

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इस मामले में जब हमनें हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर सिंह कादियान से बात की, तो उन्होंने बताया कि बैराज एक डायवर्जन स्ट्रक्चर है, इसमें पानी छूटने और चलने वाला नहीं होता। पानी बह रहा है तो उसमें से थोड़ा पानी वेस्टर्न और ईस्टर्न यमुना कैनाल में चला जाता है। शनिवार शाम छह बजे तक 55,370 क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज पर आ रहा है। जिसमें से 12010 क्यूसेक वेस्टर्न यमुना कैनाल और 1010 क्यूसेक पानी ईस्टर्न यमुना कैनाल में जा रहा है। शेष 42,050 क्यूसेक पानी सीधा-सीधा यमुना नदी में जा रहा है और यही पानी दिल्ली पहुंचता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार है, यदि आईएमडी द्वारा अनुमानित फ्लो पैटर्न बना रहा तो एक सप्ताह में स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो सकती है।

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दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती ने कहा था कि 10, 11 और 12 जुलाई को उत्तर प्रदेश और हरियाणा की ओर बहने वाली नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। इसके जवाब में कादियान ने कहा कि ये तकनीकी फैसला था। जब यमुना में पानी का स्तर एक लाख क्यूसेक से ज्यादा हो जाता है, तो इन दोनों नहरों को बंद कर देते हैं। ऐसा इसलिए कि गाद और बड़े बोल्डर्स के आने से इनके ब्लॉक होने का खतरा हो जाता है। जिस दिन की बात की जा रही है उस दिन पानी की मात्रा डेढ़ लाख क्यूसेक के करीब थी, तो हमनें दोनों नहरों को बंद रखा।

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सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि जब पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक से कम होती है तो दोनों नहरें चालू रहती हैं। ये आज भी चल रही हैं और आगे भी चलती रहेंगी। इन दोनों नहरों को बंद भी रखा जाए तो छोड़े जाने वाला करीब 18 हजार क्यूसेक पानी दिल्ली में यमुना बाढ़ के स्तर को कुछ सेमी ही बढ़ा पाएगा। हालांकि, आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह से सुधर जाएगी।

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