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10 रुपये में खाना न मिलने पर तीमारदारों का हंगामा, एक घंटे में ही खत्म हो गया भोजन

Thu, 26 Apr 2018 08:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल Updated Thu, 26 Apr 2018 08:44 PM IST
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Tension at palwal civil hospital after not getting food for Rs10
bhojnalaya - फोटो : अमर उजाला

भैया! खाना खिला दो। कूपन कहां से लेना है? बहनजी खाना तो खत्म हो गया। अरे! अभी तो एक ही बजा है। इतनी जल्दी खत्म हो गया। तुमने तो बोला था एक बजे के बाद आ जाना खाना मिल जाएगा। मैं तो घर से भी खाना नहीं लाई...क्या करें, एक घंटे में 700 लोगों ने खाना खा लिया।

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यह कहना था एक दिन पहले यानी बुधवार को पलवल के नागरिक अस्पताल में नव चेतना ट्रस्ट द्वारा खोले गए अग्रसेन स्नेह भोजनालय में खाना न मिलने से गुस्साए लोगों को शांत कराने की कोशिश में लगे कर्मचारियों का। 
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बुधवार को प्रदेश के उद्योगमंत्री विपुल गोयल द्वारा शुरू किए गए इस भोजनालय में पहले दिन ही खाने की कमी को लेकर हंगामा रहा। भोजन करने आए लोगों का कहना था कि यहां केवल 50-100 लोगों को भोजन खिलाकर खाना खत्म बता दिया गया।
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अस्पताल में भर्ती मरीजों के रिश्तेदार व स्टाफ दोपहर करीब एक बजे जब खाने के लिए पहुंचे तो खाना नहीं मिला। लोगों ने इसकी शिकायत नव चेतना ट्रस्ट के पदाधिकारियों से फोन पर की। उनका कहना था कि 10 रुपये में भरपेट खाना देने का प्रचार कर लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।


 

इनका फूटा गुस्सा : 

Tension at palwal civil hospital after not getting food for Rs10


-हमें पता चला कि नागरिक अस्पताल में 10 रुपये में भोजन मुहैया कराया जा रहा है। हम जिला उपायुक्त कार्यालय से जब यहां दोपहर एक बजे पहुंचे तो पता चला कि खाना खत्म हो गया है। इसी तरह खाना खिलाकर राजनीति चमकानी है तो फिर इतना प्रचार क्यों किया जा रहा है। 
-उधम सिंह, पलवल 

मैं अस्पताल में अपने मरीज को लेकर आया हुआ हूं। दोपहर एक बजे मैं खाना खाने भोजनालय गया तो खाना खत्म हो चुका था। एक घंटे में 700 लोगों के भोजन करने की बात कही जा रही है। इस तरह वाहवाही लूटने के लिए ऐसे भोजनालय चलाने से अच्छा है वैसे ही पैसे खर्च अपना प्रचार करवा लें। 
-दुलीचंद भिडूकी 
 
इस बारे में भोजनालय का चार्ज देख रहे दीक्षित का कहना है कि पहले दिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कितना खाना इस बनाना है। इस वजह से ऐसा हुआ। अब अंदाजा हो गया है, कल से करीब एक हजार लोगों के लिए खाना बनाया जाएगा। हम ध्यान रखेंगे कि आगे से ऐसा न हो। 
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नव चेतना ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि भोजनालय चलाने के पीछे हमारा कोई स्वार्थ नहीं है। हम केवल 10 रुपये में शुद्ध भोजन कराना चाहते हैं। सरकार की भूखा न रहे कोय योजना को आगे बढ़ाना चाह रहे हैं। मैं इस बारे में पता करूंगा कि क्या दिक्कत रही, ताकि आगे ऐसा न हो।

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