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तकनीकी डिप्लोमा धारकों को नहीं देनी होगी दोबारा परीक्षा, एआईसीटीई ने कॉलेजों को लिखा पत्र
Sun, 03 Mar 2019 03:26 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 03:26 AM IST
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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी कॉलेजों को पत्र लिखकर एग्जिट एग्जाम पर छात्रों को गुमराह न करने की हिदायत दी है। एआईसीटीई की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा है कि12वीं कक्षा के बाद तकनीकी डिप्लोमा पासआउट छात्रों को 2019 में कोई एग्जिट एग्जाम (डिप्लोमा पूरा होने के बाद दोबारा परीक्षा) नहीं देना होगा। सरकार ने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है।
एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक, डिप्लोमा धारकों के लिए एग्जिट एग्जाम का कोई नियम लागू नहीं किया गया है। तकनीकी कॉलेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन छात्रों को एग्जिट एग्जाम लागू होने की जानकारी दे रहे हैं, जो कि गलत है।
कॉलेज प्रबंधन को एआईसीटीई उपाध्यक्ष प्रो. एमपी पूनिया की ओर से जो नोटिस मिला है, वह दरअसल फर्जी है। क्योंकि एआईसीटीई की ओर से ऐसा कोई नोटिस कॉलेज प्रबंधन या पॉलिटेक्निक प्रबंधन को भेजा ही नहीं गया था। कुछ कालेजों ने एआईसीटीई से एग्जिट एग्जाम पर संपर्क किया, तब ऐसे नोटिस मिलने का खुलासा हुआ।
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प्रो. सहस्रबुद्धे के मुताबिक, एग्जिट एग्जाम शुरू करने का प्रस्ताव आया तो था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। 12वीं कक्षा के बाद जो छात्र तकनीकी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा की पढ़ाई करते हैं, उन्हें डिप्लोमा पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना था। हालांकि, छात्रों को दो-दो बार परीक्षा से बचाने के मकसद से एग्जिट एग्जाम के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। प्रो. सहस्रबुद्धे के अनुसार, तकनीकी कॉलेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को गुमराह होने से बचाएं।
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एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक, डिप्लोमा धारकों के लिए एग्जिट एग्जाम का कोई नियम लागू नहीं किया गया है। तकनीकी कॉलेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन छात्रों को एग्जिट एग्जाम लागू होने की जानकारी दे रहे हैं, जो कि गलत है।
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कॉलेज प्रबंधन को एआईसीटीई उपाध्यक्ष प्रो. एमपी पूनिया की ओर से जो नोटिस मिला है, वह दरअसल फर्जी है। क्योंकि एआईसीटीई की ओर से ऐसा कोई नोटिस कॉलेज प्रबंधन या पॉलिटेक्निक प्रबंधन को भेजा ही नहीं गया था। कुछ कालेजों ने एआईसीटीई से एग्जिट एग्जाम पर संपर्क किया, तब ऐसे नोटिस मिलने का खुलासा हुआ।
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प्रो. सहस्रबुद्धे के मुताबिक, एग्जिट एग्जाम शुरू करने का प्रस्ताव आया तो था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। 12वीं कक्षा के बाद जो छात्र तकनीकी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा की पढ़ाई करते हैं, उन्हें डिप्लोमा पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना था। हालांकि, छात्रों को दो-दो बार परीक्षा से बचाने के मकसद से एग्जिट एग्जाम के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। प्रो. सहस्रबुद्धे के अनुसार, तकनीकी कॉलेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को गुमराह होने से बचाएं।