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Delhi NCR News: शिक्षक के कॉलेज आने पर प्रतिबंध, मोबाइल फोन भी किया गया जब्त
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सत्यवती कॉलेज में छात्रा की बिना अनुमति फोटो खींचने का मामला
- कॉलेज प्रशासन ने मामले को आंतरिक शिकायत समिति को भेजा
-कमेटी के संयोजक के बुलाने पर ही शिक्षक कॉलेज में प्रवेश कर सकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में एक शिक्षक पर छात्रा की बिना अनुमति मोबाइल फोन से तस्वीर खींचने के आरोप का मामला गरमा गया है। कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक शिक्षक के कॉलेज में प्रवेश को प्रतिबंधित कर उसका मोबाइल जब्त कर लिया है। पूरे मामले को कॉलेज आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को भेज दिया गया है। समिति शनिवार से जांच शुरू कर देगी। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
सत्यवती कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद से कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से संबंधित सभी सबूतों को सेव कर आंतरिक शिकायत समिति को सौंप दिया गया है। शिक्षक के मोबाइल को जब्त कर रख लिया गया है। जांच पूरी होने तक उनके कॉलेज परिसर में आने पर भी रोक रहेगी। हालांकि जांच प्रक्रिया के दौरान समिति के संयोजक के बुलाने पर उन्हें कॉलेज आने की अनुमति मिलेगी। शुक्रवार को शिक्षक परीक्षा ड्यूटी पर भी उपस्थित नहीं हुआ।
कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले की जांच समिति करेगी और शनिवार को छात्रा को बुलाया गया है। बृहस्पतिवार को परीक्षा के दौरान सत्यवती कॉलेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया कि परीक्षा ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक ने उनकी अनुमति के बिना मोबाइल से तस्वीरें खींची। इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेज में छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया था। पूरा घटनाक्रम कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है। समिति जो भी रिपोर्ट देगी उसे कॉलेज की प्रबंध समिति में रखा जाएगा।
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इस मामले के सामने आने के बाद एबीवीपी व एनएसयूआई छात्र संगठन ने मामले की जांच निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से किए जाने की मांग की है। एनएसयूआई ने कहा कि किसी भी छात्रा की गरिमा, निजता और सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए।
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- कॉलेज प्रशासन ने मामले को आंतरिक शिकायत समिति को भेजा
-कमेटी के संयोजक के बुलाने पर ही शिक्षक कॉलेज में प्रवेश कर सकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में एक शिक्षक पर छात्रा की बिना अनुमति मोबाइल फोन से तस्वीर खींचने के आरोप का मामला गरमा गया है। कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक शिक्षक के कॉलेज में प्रवेश को प्रतिबंधित कर उसका मोबाइल जब्त कर लिया है। पूरे मामले को कॉलेज आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को भेज दिया गया है। समिति शनिवार से जांच शुरू कर देगी। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
सत्यवती कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद से कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से संबंधित सभी सबूतों को सेव कर आंतरिक शिकायत समिति को सौंप दिया गया है। शिक्षक के मोबाइल को जब्त कर रख लिया गया है। जांच पूरी होने तक उनके कॉलेज परिसर में आने पर भी रोक रहेगी। हालांकि जांच प्रक्रिया के दौरान समिति के संयोजक के बुलाने पर उन्हें कॉलेज आने की अनुमति मिलेगी। शुक्रवार को शिक्षक परीक्षा ड्यूटी पर भी उपस्थित नहीं हुआ।
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कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले की जांच समिति करेगी और शनिवार को छात्रा को बुलाया गया है। बृहस्पतिवार को परीक्षा के दौरान सत्यवती कॉलेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया कि परीक्षा ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक ने उनकी अनुमति के बिना मोबाइल से तस्वीरें खींची। इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेज में छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया था। पूरा घटनाक्रम कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है। समिति जो भी रिपोर्ट देगी उसे कॉलेज की प्रबंध समिति में रखा जाएगा।
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इस मामले के सामने आने के बाद एबीवीपी व एनएसयूआई छात्र संगठन ने मामले की जांच निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से किए जाने की मांग की है। एनएसयूआई ने कहा कि किसी भी छात्रा की गरिमा, निजता और सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए।