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पूर्वी निगम क्षेत्र के निवासियों पर नहीं बढ़ेगा टैक्स का बोझ

Wed, 23 Jan 2019 06:44 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Wed, 23 Jan 2019 06:44 AM IST
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Tax burden will not increase on residents of Eastern Corporation
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पूर्वी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्रवासियों पर टैक्स का बोझ फिलहाल टल गया है। मंगलवार को पूर्वी निगम की बैठक में शिक्षा उपकर, सुधार कर और आजीविका और वृत्ति व्यवसाय कर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के मद्देनजर निगमायुक्त ने तीनों टैक्स का प्रस्ताव पेश किया था।
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पूर्वी दिल्ली नगर निगम के चेयरमैन सत्यपाल सिंह ने वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट अनुमान और वर्ष 2019-2020 के बजट अनुमान पर सदन की बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्वी निगम पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, लेकिन आम जनता पर किसी तरह का टैक्स का बोझ नहीं थोपना चाहते हैं।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में पूर्वी निगम का लक्ष्य 469985.20 लाख रुपये प्राप्ति का है, जबकि 463501.52 लाख रुपये खर्च का अनुमान है। ऐसे में फैक्ट्री लाइसेंसिंग, पार्किंग और लाभकारी योजना विभाग सहित तमाम विभागों से राजस्व की प्राप्ति का लक्ष्य है।
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पूर्वी निगम की ओर से एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसके तहत अनाधिकृत कॉलोनियों के संपत्ति धारकों को अपनी संपत्ति कर के आकलन और इसकी खुद घोषणा किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना का लाभ लेने वालों को जुर्माने से पूरी छूट भी होगी और माना जा रहा है कि इससे टैक्स के दायरे में अधिक लोग होंगे और निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।  


दफ्तरों के खर्च में की जा रही कटौती
चेयरमैन ने कहा कि राजस्व में कमी न रहे, इस लिहाज से दफ्तरों के खर्च में कटौती की जा रही है तो दूसरी तरफ बिजली पर होने वाले खर्च में कटौती के मद्देनजर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। 25 किलोवाट से अधिक बिजली की जिन भवनों में खपत होती है उन भवनों में एस्को मॉडल पर रूफटॉप अधिकार देकर उन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया। 
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