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Delhi: DCW के 223 कर्मचारी हटाए, स्वाति मालीवाल बोलीं- नौ साल से काम कर रहे थे, उस समय क्यों नहीं किया
Thu, 02 May 2024 02:54 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 02 May 2024 02:54 PM IST
सार
स्वाति मालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दिल्ली महिला आयोग ने हर सेकेंड काम किया है। 500 से ज्यादा महिला रोज आती हैं। एलजी ने आदेश करके सभी अनुबंध कर्मचारी को हटा दिया है। 90 कर्मचारी है। आठ ही नियमित हैं।
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स्वाति मालीवाल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
- फोटो : X/AAP
विस्तार
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने दिल्ली महिला आयोग से 223 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दे दिया। आरोप है कि डीसीडब्ल्यू की तत्कालीन अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने नियमों के खिलाफ जाकर बिना अनुमति के इन कर्मचारियों की नियुक्ति की। स्वाति मालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलजी पर हमला बोला।
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राज्यसभा सांसद व दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्रवाई को अवैध बताया है। साथ ही इसके खिलाफ कानूनी सलाह के बाद कार्रवाई करने की बात की है। बृहस्पतिवार को मालीवाल ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग ने पिछले आठ सालों में एक लाख 70 हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई की। महिलाओं की समस्याओं से जुड़ी 181 पर 40 लाख से ज्यादा कॉल को सुना गया। रेप पीड़ित, एसिड पीड़ित व अन्य की भलाई के लिए काम किया। महिला पंचायत के माध्यम से 50 हजार महिलाओं की बात सुनी। दो लाख केस को सुलझाया। कोर्ट में दो लाख केस को सुलझाने में मदद की। महिलाओं की भलाई के लिए 500 सिफारिश भेजी। यह सब काम अकेले नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला आयोग में 90 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से केवल आठ ही स्थायी है जबकि अन्य सभी अनुबंध पर है। अनुबंध पर काम कर रही इन कर्मचारियों में एसिड पीड़ित सहित दूसरी अन्य महिलाएं हैं। यह महिलाएं जानती हैं कि महिलाओं का दर्द क्या होता है और यह उन्हीं के लिए बेहतर ढंग से काम करती है। लेकिन इन सभी अनुबंध कर्मचारियों को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एक झटके में बाहर निकाल दिया।
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दिल्ली महिला आयोग में रोज सैकड़ों महिलाएं अपना दर्द लेकर आती हैं। आठ कर्मचारियों के सहारे आयोग का काम नहीं हो सकता। आयोग में काम करने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं की गई। स्वाति मालीवाल ने कहा कि दिल्ली में रोजाना छह दुष्कर्म के मामले सामने आते हैं। इन सभी महिलाओं के हितों में महिला आयोग काम करती हैं। लेकिन एलजी इसे बंद करना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने बृजभूषण, मणिपुर पर सवाल उठाए थे। इसी के कारण यह कार्रवाई की जा रही है। यदि भाजपा को लगता है कि मैं गलत हूं तो मुझे गिरफ्तार कर सकते है।
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर कही यह बात
स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, 'एलजी साहब ने डीसीडब्ल्यू के सारे कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को हटाने का एक तुगलकी फरमान जारी किया है। आज महिला आयोग में कुल 90 स्टाफ है जिसमें सिर्फ आठ लोग सरकार द्वारा दिये गये हैं, बाकी सब तीन-तीन महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। अगर सब कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ हटा दिया जाएगा, तो महिला आयोग पर ताला लग जाएगा। ऐसा क्यों कर रहे हैं ये लोग? खून पसीने से बनी है ये संस्था। उसको स्टाफ और सरंक्षण देने की जगह आप जड़ से खत्म कर रहे हो? मेरे जीते जी मैं महिला आयोग बंद नहीं होने दूंगी। मुझे जेल में डाल दो, महिलाओं पर मत ज़ुल्म करो!'
LG साहब ने DCW के सारे कॉंट्रैक्ट स्टाफ को हटाने का एक तुग़लकी फ़रमान जारी किया है। आज महिला आयोग में कुल 90 स्टाफ है जिसमें सिर्फ़ 8 लोग सरकार द्वारा दिये गये हैं, बाक़ी सब 3 - 3 महीने के कॉंट्रैक्ट पे हैं। अगर सब कॉंट्रैक्ट स्टाफ हटा दिया जाएगा, तो महिला आयोग पे ताला लग जाएगा।…
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) May 2, 2024