देखिए स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में क्या है देश की राजधानी दिल्ली का हाल
तीनों नगर निगम की रैंकिंग करीब डेढ़ सौ से ढाई सौ तक गिरी
स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में एनडीएमसी व तीनों नगर निगम की रैंकिंग में भारी गिरावट
तीनों नगर निगम की रैंकिंग करीब डेढ़ सौ से ढाई सौ तक गिरी
नई दिल्ली, 4 मई
विस्तार
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में दिल्ली के पांचों स्थानीय निकायों की रैंकिंग बेहद ही खराब आई है। गत वर्ष की तुलना में एनडीएमसी की रैंकिंग में तीन पायदान की कमी आई। तीनों नगर निगम एवं दिल्ली छावनी बोर्ड पहले डेढ़ सौ में भी स्थान प्राप्त नहीं कर सके।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की रैंकिंग में 236, दक्षिण दिल्ली नगर निगम की रैंकिंग में 163 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम की रैंकिंग में 144 पायदान की गिरावट आई। वर्ष 2014 एवं 2016 के स्वच्छ सर्वेक्षण में उनकी रैंकिंग 50 के आसपास थी।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 के सर्वेक्षण में एनडीएमसी सातवें स्थान पर रही, जबकि वर्ष 2016 में उसे चौथा स्थान मिला था। वर्ष 2014 में इस बार की तरह उसका सातवां नंबर था। हालांकि दिल्ली और एनडीएमसी के लिए संतोषजनक यह बात है कि इस बार उसे नार्थ जोन में पहला स्थान मिला है।
उधर, इस बार तीनों नगर निगम ने दिल्ली की नाक कटवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस मामले में दिल्ली छावनी बोर्ड भी उनसे पीछे नहीं रहा है। दिल्ली छावनी बोर्ड का इलाका और आबादी एनडीएमसी के बराबर है और वहां भी स्थानीय आबादी भी बहुत ही कम है।
मगर रैंकिंग के मामले में वह एनडीएमसी से काफी पीछे रहा है। उसे स्वच्छ सर्वेक्षण में 172वां स्थान मिला। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस वर्ष पूर्वी दिल्ली नगर निगम 196, दक्षिण दिल्ली नगर निगम 202 और उत्तरी दिल्ली नगर निगम 279 वां स्थान प्राप्त कर सके।
वर्ष 2014 के स्वच्छ सर्वेक्षण में तीनों नगर निगम का 47वां स्थान था, जबकि गत वर्ष दक्षिण दिल्ली नगर निगम को 39वां, उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 43वां और पूर्वी दिल्ली नगर निगम को 52वां स्थान मिला था।
पिछले वर्ष तीनों नगर निगम में पीछे रहने वाली पूर्वी दिल्ली नगर निगम इस वर्ष अन्य दोनों नगर निगम से आगे निकल गई, जबकि गत वर्ष उसे काफी विपरित परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा था।
आर्थिक तंगी के चलते वह सफाई कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रही है। इस कारण उसके सफाई कर्मचारियों ने दो बार काफी लंबी हड़ताल की और जगह-जगह कूड़ा फैलाकर शहर को गंदा किया।