महिला कर्नल की अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देने वाला संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। वह एक महिला कर्नल को ब्लैकमेल कर उन्हें सेना से जुड़ी जानकारी देने के लिए धमका रहा था। इस एजेंट का नाम मोहम्मद परवेज है। वह राजधानी के चांदनी महल इलाके का रहने वाला है और पुरानी दिल्ली में कपड़ों की दुकान चलाता है।
परवेज महिला कर्नल की छेड़छाड़ करके बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल साइट्स पर शेयर करने की धमकी दे रहा था। वह कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत महिला अधिकारी ने कुछ दिन पहले द्वारका (साउथ) थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनके व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज आ रहे हैं। जिनमें कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने सेना की गुप्त सूचनाएं नहीं दी तो उनकी अश्लील तस्वीरें इंटरनेट पर डाल दी जाएंगी। द्वारका सब-डिवीजन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 13 सितंबर को पुरानी दिल्ली इलाके से मो. परवेज (36) को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने बताया कि परवेज पाक यात्रा के दौरान आईएसआई के संपर्क में आया था और भारत से खासकर सेना से जुड़ी गुप्त सूचनाएं दिलवाने में सहायता करने लगा। इसके एवज में उसे मोटी रकम मिलती थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गृहमंत्रालय के जरिये पाकिस्तान दूतावास से संपर्क किया है।
ऐसे हत्थे चढ़ा पाक एजेंट
दिल्ली के द्वारका में रहने वाली कर्नल ने उन दोनों नंबरों को ब्लॉक कर दिया था जिन पर उन्हें धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे थे। लेकिन इसके बाद कर्नल की बेटी के पास एक महिला की फेसबुक प्रोफाइल से आपत्तिजनक तस्वीरें और संदेश आने शुरू हो गए।
तस्वीर और संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने महिला कर्नल की बेटी पर बात करने के लिए दबाव बनाया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद सैन्य अधिकारी ने पुलिस से संपर्क कर मामला दर्ज कराया। फेसबुक प्रोफाइल के जरिए मिली सूचना और दोनों नंबरों के रिकॉर्ड के आधार पर परवेज को हिरासत में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केस स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है। अभी जांच शुरुआती स्टेज में है और आईएसआई से लिंक की पड़ताल की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि परवेज करीब डेढ़ वर्ष से आईएसआई के लिए काम कर रहा था।
वह भारतीय मोबाइल नंबरों के कोड आईएसआई अधिकारियों को उपलब्ध कराता था। इस नंबर के आधार पर आईएसआई एजेंट ब्लैकमेल कर या फिर पैसे का लालच देकर सेना से जुड़ी सूचनाएं लेने का प्रयास करते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि एजेंट के जरिये आईएसआई कितनी गुप्त सूचनाएं भारत से ले चुका है।