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गर्मी की छुट्टियों में बसों की रहेगी किल्लत
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 07 Apr 2014 03:04 PM IST
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गर्मी की छुट्टियों में हिल स्टेशन की ओर रुख करने वालों को परेशानी हो सकती है। रोडवेज ने चुनावी ड्यूटी में लंबे रूट की बसों को लेने का फैसला किया है।
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लोकल रूट की अनुबंधित बसों को चुनावी ड्यूटी से छूट देने से कुछ राहत जरूर मिली है। इससे मेरठ और बुलंदशहर रूट पर बसें मिलती रहेंगी। लेकिन दूसरे रूटों पर बसों की किल्लत होने से बेहतर यही रहेगा कि अपनी सवारी से ही घर से बाहर निकलें।
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लोकसभा चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब गर्मियों की छुट्टियां होने को हैं। ट्रेन पहले से फुल हैं। ऐसे में गर्मियों में छुट्टियों के सफर पर जाने के लिए रोडवेज बसों और निजी क्षेत्र की कांट्रेक्ट बसों का ही सहारा है।
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ज्यादातर बसों को चुनावों में लगा दिया गया है। परिवहन विभाग को चुनावों के लिए करीब तीन हजार वाहनों को कब्जे में लेना है।
डीएम के निर्देश के बाद इन वाहनों को सोमवार शाम से कब्जे में ले लिया जाएगा। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। निजी बसों, स्कूली वाहनों, कांट्रेक्ट बसों, मिनी बसों, टैक्सियों के अलावा रोडवेज की बसों को भी चुनावी ड्यूटी में लगाने का निर्णय लिया गया है।
ऐसे में रोडवेज के रूट पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। तीन हजार सवारी वाहनों की कमी के चलते ज्यादातर रास्तों पर यात्रियों को सवारी नहीं मिलेंगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने से यात्रियों को दिनरात परेशान होना पड़ेगा। ऐसे में समझदारी इसी में है कि अपने वाहन लेकर ही घर से बाहर निकला जाए। यह परेशानी चार दिन तक झेलनी होगी।
लांग रूट पर जाने वालों को डेढ़ माह तक इस समस्या का सामना करना पड़ेगा। रोडवेज की कुछ बसें क्षेत्रीय चुनावों के बाद वापस मिल जाएंगी, लेकिन ज्यादातर प्रदेश में सभी चरणों के चुनाव पूरे होने पर ही अपने रूट पर पहुंचेंगी।
इससे यात्रियों को मथुरा, वृंदावन, इलाहाबाद, आगरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और देवी दर्शन को गाड़ी बुक करके ले जाने वालों को परेशानी होगी।