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Delhi: सुकेश के लिए सूचनाएं बाहर पहुंचाने वाले नर्सिंग अर्दली की सेवा समाप्त, हेड वार्डर निलंबित
Wed, 20 Jul 2022 07:06 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 20 Jul 2022 07:06 AM IST
सार
कुछ दिन पहले नर्सिंग अर्दली कुछ दस्तावेजों के साथ पकड़ा था। वह जेल के अस्पताल में मौजूद सुकेश चंद्रशेखर से सूचना लेकर उसे बाहर जाकर उसके सहयोगियों तक पहुंचाता था।
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सुकेश चंद्रशेखर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दो सौ करोड़ की ठगी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर जेलकर्मियों पर लगातार डोरे डाल रहा है। वह जेलकर्मियों की मदद से सूचनाओं को अपने सहयोगियों तक पहुंचाने की पूरजोर कोशिश कर रहा है। इसके लिए उसने कुछ दिन पहले एक नर्सिंग अर्दली और फिर एक हेड वार्डर को अपने चंगुल में फंसाया।
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इस बात का खुलासा होने के बाद जेल प्रशासन ने संविदा पर कार्यरत नर्सिंग अर्दली की सेवा समाप्त कर दी है वहीं हेड वार्डर को निलंबित कर दिया है। हेड वार्डर को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही ईडी नर्सिंग अर्दली और वार्डर से पूछताछ शुरू कर दी है।
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जेल के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दस दिन पहले सुकेश तिहाड़ के जेल नंबर तीन में बंद था। इस दौरान अधिकारियों ने एक नर्सिंग अर्दली को कुछ दस्तावेजों के साथ पकड़ा था। वह जेल के अस्पताल में मौजूद सुकेश चंद्रशेखर से सूचना लेकर उसे बाहर जाकर उसके सहयोगियों तक पहुंचाता था। इस मामले को लेकर ईडी की टीम जांच शुरू कर दी है। उसके बाद एक और मामला सामने आया। जेलकर्मियों ने एक हेड वार्डर पर सुकेश से सूचना लेकर उसे बाहर पहुंचाने का आरोप लगाया। जेल प्रशासन ने जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच पड़ताल की, जिसमें बात सच निकली। वह सुकेश से सूचना लेकर उसे मोबाइल के जरिए उसके सहयोगियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने कुछ मैसेज को नष्ट कर दिया था। जेल प्रशासन ने हेड वार्डर को निलंबित कर दिया।
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दोनों मामले सामने आने के बाद सुकेश चंद्रशेखर को जेल नंबर तीन से जेल नंबर आठ में शिफ्ट कर दिया गया है। ईडी ने जांच के दौरान दोनों जेल कर्मियों के मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल की जांच में पता चला है कि सुकेश के लिखे नोट को जेलकर्मी अपने मोबाइल फोन के जरिए उसके साथियों को भेज रहे थे। इसके लिए सुकेश ने जेलकर्मियों को पांच लाख रुपये देने का वादा किया था।