सुसाइडः 'भाई के मरने से खत्म हुई जीने की इच्छा'
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नरेला इलाके में अपने बड़े भाई की मौत से आहत 18 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पास से एक सुइसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने भाई की मौत के बाद से जीने की इच्छा खत्म होने की बात लिखी है। मरने वाले युवक की शिनाख्त मनीष के रूप में हुई है। मनीष के पिता दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं।
पुलिस के अनुसार, मनीष(18) अपने पिता अशोक के साथ नरेला पुलिस कॉलोनी में रहता था। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता दिल्ली पुलिस की पहली बटालियन में कार्यरत हैं।
2 जनवरी को मनीष के बड़े भाई सन्नी(21) ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसके पास से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला था। हालांकि जांच में पता चला कि सन्नी नशे का आदी होने की वजह से डिप्रेशन का शिकार हो गया था।
दूसरे बेटे की मौत ने तोड़ दिया पिता को
रविवार दोपहर मनीष घर में मौजूद था। उसके पड़ोस में रहने वाले रमेश किसी काम से उसके घर पर पहुंचे। काफी आवाज देने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने पुलिस को घटना की जानकारी दे दी।
पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। कमरे में मनीष पंखे से लटक रहा था। उसके पास से पुलिस को एक सुइसाइड नोट मिला, जिसमें उसने कहा है कि अपने भाई की मौत के बाद से उसे जीने की इच्छा खत्म हो चुकी है। उसके खुदकुशी करने के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
पुलिस ने जांच के बाद बताया कि 13 साल पहले मनीष की मां की मौत हो गई थी। उसके बाद से अशोक अपने दोनों बेटों का पालन पोषण कर रहा था। लेकिन पहले बेटे की मौत के कुछ ही दिन बाद दूसरे बेटे की मौत ने अशोक को पूरी तरह तोड़कर कर रख दिया है।