फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Walking on footpaths in East Delhi is difficult

Delhi NCR News: पूर्वी दिल्ली में फुटपाथ पर चलना मुश्किल, अतिक्रमण और बदहाल रखरखाव से सड़क पर उतर रहे पैदल यात्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 06:35 PM IST
विज्ञापन
सोनिया विहार से सीलमपुर, लक्ष्मी नगर, कड़कड़डूमा, पटपड़गंज और शाहदरा तक कई स्थानों पर फुटपाथों पर गड्ढे, गंदगी
विज्ञापन

रेहड़ी-पटरी, दुकानों का सामान और वाहनों की पार्किंग बन रही बाधा
विभागों में बंटी जिम्मेदारी से स्थायी समाधान का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। अदालतों और दिल्ली के मास्टर प्लान में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और बाधारहित रास्ते की व्यवस्था पर जोर दिया गया है लेकिन पूर्वी दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को फुटपाथ की बजाय सड़क पर चलना पड़ रहा है। सोनिया विहार में फुटपाथ पर गहरा गड्ढा, सीलमपुर में गंदगी और अन्य इलाकों में अतिक्रमण के कारण बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों के सामने सबसे अधिक परेशानी है।
सोनिया विहार मेट्रो क्षेत्र के नीचे फुटपाथ पर गहरा गड्ढा पैदल यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। वहीं सीलमपुर के व्यस्त मार्गों पर गंदगी और अवरोधों के बीच लोगों को निकलना पड़ता है। कड़कड़डूमा, लक्ष्मी नगर और पटपड़गंज जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानों के बाहर फैला सामान, रेहड़ी-पटरी और वाहनों की पार्किंग फुटपाथों की उपलब्ध चौड़ाई कम कर देती है।
विज्ञापन

शाहदरा रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण से यात्रियों को परेशानी होती है। स्टेशन आने-जाने वालों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह समस्या यातायात और सड़क सुरक्षा, दोनों से जुड़ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली के लागू मास्टर प्लान-2021 में 12 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के दोनों ओर निरंतर और बाधारहित फुटपाथ की व्यवस्था का प्रावधान है। सामान्य रूप से इसकी न्यूनतम चौड़ाई 1.8 मीटर बताई गई है जबकि अधिक पैदल यातायात वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार चौड़ाई बढ़ाने की बात कही गई थी लेकिन जमीनी स्तर पर इस तरह की चीजें नहीं दिख रही हैं। वादे केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं।
अदालत और निगरानी समिति भी उठा चुकी हैं सवाल
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक रास्तों और फुटपाथों पर अवरोधों को लेकर पहले भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत पर जोर दिया है। एक आदेश में अदालत ने दिल्ली पुलिस और नगर निकायों को सार्वजनिक रास्ते से बाधाएं हटाने के लिए अपनी कानूनी शक्तियों का उपयोग करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी की जनवरी 2025 की रिपोर्ट भी फुटपाथों, सार्वजनिक पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध पार्किंग व अतिक्रमण के मुद्दे से संबंधित रही है।

कई एजेंसियों में बंटी जिम्मेदारी
दिल्ली पीडब्ल्यूडी अपनी सड़कों और उनसे जुड़े फुटपाथों के निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी संभालता है जबकि अन्य क्षेत्रों में नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की भूमिका होती है। अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था में पुलिस की भी भूमिका है। अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी स्थायी समाधान की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed