मलयेशिया की तर्ज पर बिना सब्सिडी होगी हज यात्रा, केंद्र ने शुरू की तैयारी
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मलयेशिया की तर्ज पर भारत में भी हज यात्रा बिना सब्सिडी के मुस्लिम लोग कर सकेंगे। इसकी तैयारी केन्द्र सरकार ने शुरू कर दी है। अभी तक विदेश मंत्रालय के आधीन हज यात्रा होती थी जिसे इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय को सौंप दिया गया है।
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हज यात्रा के लिए हज कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया बनाने की शुरुआत कर दी है। मलयेशिया में इसी तरह की एजेंसी हज के लिए बचपन में ही बचत खाता खुलवा देती है, इससे हज का बड़ा खर्च आसानी से जमा हो जाता है।
दिल्ली सचिवालय कार्यक्रम में शामिल होने आए अल्पसंख्यक मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश मोहन ने बताया कि जब 2022 में हज यात्रा की सब्सिडी खत्म हो जाएगी तो बड़ा खर्च उठाने में दिक्कत आएगी।
हज की प्राइवेट ट्रेवल्स यात्रा में करीब 5 लाख रुपये खर्च होते हैं
जहां सरकार की निगरानी वाली यात्रा 2 लाख रुपये में हो जाती है, वहीं प्राइवेट ट्रेवल्स की यात्रा में करीब 5 लाख रुपये खर्च होते हैं। मलयेशिया सरकार ने हज यात्रा के लिए एक सिस्टम बना हुआ है। उसी तर्ज पर हज कार्पोरेशन ऑफ इंडिया बनाने जा रहे हैं। उससे रास्ता निकल आएगा।
राकेश मोहन का कहना है कि भारत की आबादी के हिसाब से कोटा 1.93 लाख यात्रियों का होना चाहिए। लेकिन अभी 2011 की जनगणना का हवाला देकर 1.36 लाख दिया गया है। इस पर अल्पसंख्यक राज्यमंत्री नजमा हेपतुल्ला ने प्रधानमंत्री कार्यालय को कोटा बढ़वाने के लिए नोट भेजा है। उम्मीद है कि अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं, कोटा बढ़ेगा।
अल्पसंख्यक मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यह भी बताया कि हज यात्रा पर जाने वालों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सऊदी अरब की तरफ से कहा गया है कि जिनकी ट्रेनिंग में कमी रहती है, किसी हादसे की दशा में शिकार उस देश के यात्री अधिक होते हैं।
जो हज कर चुके, वही कर्मी साथ जाएंगे
यही वजह है कि भगदड़ मचने या अन्य तरह के हादसे में क्या करें, क्या ना करें समेत तमाम तरह की जानकारी से जुड़ी एक फिल्म भी हवाई सफर के दौरान दिखाई जाएगी।
हज यात्रा में यात्रियों के सहयोग और गाइड करने के लिए इस पर सिर्फ वही सरकारी कर्मी जा सकेंगे, जो पहले हज कर चुके हैं। अभी तक ऐसी बाध्यता नहीं थी जिसकी वजह से हाजियों की सेवा के लिए जाने वाले ये सरकारी कर्मी सरकार के पैसे पर अपना हज करते थे।
फिर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक 200 यात्री पर एक सरकारी कर्मी जाएगा, पिछली हज यात्रा तक 300 यात्री पर एक कर्मी जाता था।