बच्चों ने पीएम मोदी से कही मन की बात, हमें साफ हवा दे दो...
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राजधानी में बढ़े प्रदूषण के कारण स्कूल बृहस्पतिवार को भी बंद रहे। इस दौरान छात्र घरों में ही रहे और बाहर जाकर बाल दिवस नहीं मना सके। कई छात्रों ने प्रदूषण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हवा को स्वच्छ करने की दिशा में कारगर कदम उठाने का आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले छात्र इशांत महंत ने लिखा कि उसे फुटबाल खेलना बेहद पसंद है लेकिन अब प्रदूषण के कारण वह घर से बाहर नहीं जा पा रहा है और अब वह टीवी पर ही फुटबाल अपना मन बहलाता है।
एक अन्य छात्र ने अपने पत्र में लिखा है कि इस समय प्रदूषण के लिए केंद्र व प्रभावित राज्यों की सरकारों को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर जरूर कोई कड़ा फैसला लेंगे।
पीएम को पत्र लिखकर सत्यार्थी ने उठाया प्रदूषण का मुद्दा
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर एयर एक्ट-1981 में संशोधन कर पंचवर्षीय कार्य योजना तैयार करने का आग्रह किया है।
राजधानी में प्रदूषण के खतरनाक स्तर से चिंतित होकर सत्यार्थी ने लोगों को स्वच्छ हवा मुहैया करवाने के लिए इस दिशा में पहल करते हुए प्रधानमंत्री से आग्रह किया है। बाल दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को बचपन बचाओ आंदोलन की तरफ से बच्चों के लिए इंडिया गेट पर आयोजित कार्यक्रम को प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थगित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में सत्यार्थी ने लिखा है कि मैं सभी के साथ खड़ा हूं, देश के प्रधानमंत्री से अपील की है कि एयर एक्ट 1981 में बदलाव सहित पांच वर्ष के लिए नेशनल एक्शन प्लान तैयार कर लागू करवाएं ताकि देश वासियों को स्वच्छ हवा मिल सके।
सत्यार्थी ने अपील की है कि हमें स्वच्छ इरादे के साथ हवा की स्वच्छता के लिए भी पहल करनी चाहिए। इसके तहत नीति निर्धारक, कारोबारी, ग्राहक सहित सभी नागरिकों से भी हवा, पानी और जमीन को साफ सुथरा बनाए रखने में सतत सहयोग को जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि नई नीति तैयार की जाए ताकि प्रदूषण पर रोक लगाने के तमाम तरीकों को अपनाकर, प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में जीत मिल सके।
उन्होंने इस पहल में राजनेताओं, सरकार, उद्यमियों, सामाजिक संस्थाओं सहित सभी वर्गों से सहयोग की अपील करते हुए वायु प्रदूषण पर शिकंजा कसने सहित पानी और जमीन के दूषित होने पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि इसके लिए नीति निर्धारण के बाद इसे निश्चित समय में सख्ती से लागू कर पूर्ण रूप से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए हमें सहयोग के साथ साथ त्याग के लिए भी तैयार रहना होगा।