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हॉस्टल के बाथरूम में मिला एमबीबीएस छात्र का शव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Mon, 17 Jul 2017 09:39 AM IST
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नूंह में शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव हॉस्टल के कमरे में बने बाथरूम में पड़ा मिला। हालांकि इस मामले में न तो परिजनों ने पुलिस को किसी प्रकार की शिकायत दी है और न ही कोई आरोप लगाया है। पुलिस इसे स्वाभाविक मौत का मामला मानकर चल रही है। वहीं, मेडिकल कालेज प्रशासन ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया।
फरीदाबाद के छांयसा थाना क्षेत्र के गांव पनहेड़ा कला निवासी समुंद्र सिंह का बेटा राहुल चौधरी नूंह के शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। उसका दाखिला छांयसा के गोल्ड फील्ड मेडिकल कालेज में हुआ था, लेकिन बाद में सरकार ने इस कालेज को बंद कर दिया था। इसमें पढ़ाई कर रहे 21 छात्रों का दाखिला सरकार ने नूंह के मेडिकल कालेज में कराया था। जिनमें राहुल भी शामिल था।
शुक्रवार को जब मेडिकल कालेज से पढ़ाई कर छात्र हॉस्टल लौटे तो राहुल चौधरी के साथ उसका रूममेट भी था। रोजाना की तरह दोनों हॉस्टल के कमरे में जाते ही सो गए। शाम करीब 6 बजे राहुल की नींद खुल गई। इससे उसका रूममेट डिस्टर्ब हुआ तो उसने राहुल से कहा कि वह सो नहीं रहा है तो बाहर घूम आए, तब तक वह आराम से सो लेगा। राहुल उसकी बात मानकर बाहर निकल गया।
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करीब साढ़े सात बजे जब रूममेट की नींद खुली तो पाया कि राहुल वहां नहीं था। उसने अपने साथियों से राहुल के बारे में पूछा, लेकिन वह आसपास नहीं मिला। उसने सोचा कि वह कालेज में कहीं इधर-उधर घूम रहा होगा। इसके बाद रोजाना की तरह जब रात 11 बजे हॉस्टल में हाजिरी ली गई तो पाया कि राहुल अपने कमरे में नहीं है, जिस पर हॉस्टल के छात्रों व स्टाफ ने उसे ढूंढना शुरू किया। किसी ने राहुल चौधरी के फोन पर कॉल की तो पाया कि बाथरूम में फोन की घंटी बज रही है।
बाथरूम अंदर से बंद था, जैसे-तैसे उसका दरवाजा खोलकर देखा तो राहुल वहां बेसुध पड़ा हुआ था। उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। डाक्टराें ने करीब 2 घंटे तक उसे कृत्रिम सांस आदि देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन प्रयास नाकाफी रहे। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और परिजनों को सूचना दी। परिजन मेडिकल कालेज पहुंचे। जहां उन्होंने कोई भी शिकायत देने से इनकार कर दिया। मांग की कि उन्हें सिर्फ यह पता चल जाए कि राहुल की मौत किस कारण से हुई है।
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. संसार चंद शर्मा ने बोर्ड़ गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। दोपहर करीब 3 बजे के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। अपने परिवार में सभी का लाड़ला राहुल पढ़ने में भी काफी होशियार था, जिसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कर 174 की कार्रवाई की गई है। बिसरा जांच के लिए भौंडसी भेजा गया है। वहीं इस मामले में शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कालेज के निदेशक डा. संसार चंद शर्मा ने कहा कि मामला स्वाभाविक मौत से जुड़ा हुआ है, फिर भी कोई मामला निकलकर सामने आएगा तो उसकी जांच की जाएगी।
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फरीदाबाद के छांयसा थाना क्षेत्र के गांव पनहेड़ा कला निवासी समुंद्र सिंह का बेटा राहुल चौधरी नूंह के शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। उसका दाखिला छांयसा के गोल्ड फील्ड मेडिकल कालेज में हुआ था, लेकिन बाद में सरकार ने इस कालेज को बंद कर दिया था। इसमें पढ़ाई कर रहे 21 छात्रों का दाखिला सरकार ने नूंह के मेडिकल कालेज में कराया था। जिनमें राहुल भी शामिल था।
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शुक्रवार को जब मेडिकल कालेज से पढ़ाई कर छात्र हॉस्टल लौटे तो राहुल चौधरी के साथ उसका रूममेट भी था। रोजाना की तरह दोनों हॉस्टल के कमरे में जाते ही सो गए। शाम करीब 6 बजे राहुल की नींद खुल गई। इससे उसका रूममेट डिस्टर्ब हुआ तो उसने राहुल से कहा कि वह सो नहीं रहा है तो बाहर घूम आए, तब तक वह आराम से सो लेगा। राहुल उसकी बात मानकर बाहर निकल गया।
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करीब साढ़े सात बजे जब रूममेट की नींद खुली तो पाया कि राहुल वहां नहीं था। उसने अपने साथियों से राहुल के बारे में पूछा, लेकिन वह आसपास नहीं मिला। उसने सोचा कि वह कालेज में कहीं इधर-उधर घूम रहा होगा। इसके बाद रोजाना की तरह जब रात 11 बजे हॉस्टल में हाजिरी ली गई तो पाया कि राहुल अपने कमरे में नहीं है, जिस पर हॉस्टल के छात्रों व स्टाफ ने उसे ढूंढना शुरू किया। किसी ने राहुल चौधरी के फोन पर कॉल की तो पाया कि बाथरूम में फोन की घंटी बज रही है।
बाथरूम अंदर से बंद था, जैसे-तैसे उसका दरवाजा खोलकर देखा तो राहुल वहां बेसुध पड़ा हुआ था। उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। डाक्टराें ने करीब 2 घंटे तक उसे कृत्रिम सांस आदि देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन प्रयास नाकाफी रहे। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और परिजनों को सूचना दी। परिजन मेडिकल कालेज पहुंचे। जहां उन्होंने कोई भी शिकायत देने से इनकार कर दिया। मांग की कि उन्हें सिर्फ यह पता चल जाए कि राहुल की मौत किस कारण से हुई है।
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. संसार चंद शर्मा ने बोर्ड़ गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। दोपहर करीब 3 बजे के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। अपने परिवार में सभी का लाड़ला राहुल पढ़ने में भी काफी होशियार था, जिसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कर 174 की कार्रवाई की गई है। बिसरा जांच के लिए भौंडसी भेजा गया है। वहीं इस मामले में शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कालेज के निदेशक डा. संसार चंद शर्मा ने कहा कि मामला स्वाभाविक मौत से जुड़ा हुआ है, फिर भी कोई मामला निकलकर सामने आएगा तो उसकी जांच की जाएगी।