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प्लास्टिक जलाने वाली जगहों की जांच के लिए गठित हो विशेष टीम, रात में चलेगा सघन अभियान
Sat, 28 Sep 2019 05:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 28 Sep 2019 05:54 AM IST
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plastic
राजधानी में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए शुक्रवार को को ईपीसीए ने दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव समेत संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
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इस दौरान क्षेत्र विशेष का वायु प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई। साथ ही आवासीय क्षेत्रों में चल रही फैक्ट्रियों को सील करने को कहा गया।
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ईपीसीए चेयरमैन भूरेलाल ने विजय देव से कहा कि वे प्लास्टिक, रबर व कूड़ा कचरा जलाने वाली जगहों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन करें। इन टीमों की खासतौर से उत्तरी व पश्चिमी दिल्ली में तैनाती हो।
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अधिकारियों का कहना है कि पश्चिमी दिल्ली के टीकरी कलां, मुंडका, घेवरा व नांगलोई और उत्तरी दिल्ली के बवाना व नरेला से अमूमन इसकी शिकायतें आ रही हैं। इन इलाकों में इस तरह के मामलों को रोकने के लिए टीम रात में सघन अभियान चलाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि रबर और कोयले को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने वाली फैक्ट्रियों को बंद किया जाए।
बैठक में चर्चा की गई कि यमुना खादर रासायनिक फैक्ट्रियों का टॉक्सिक वेस्ट जलाया जाता है। इसमें उस्मानपुर, दल्लूपुरा, सीलमपुर, गांधी नगर जैसे इलाके शामिल हैं। वहीं, जामिया व मसूदपुर में कचरा उठाने वाले लोग कचरे में कई बार आग लगा देते हैं।
इसके लिए निर्देश दिया गया है कि अनधिकृत कालोनियों, जेजे क्लस्टर व खाली पड़े प्लाट से कचरा हटाने का उचित इंतजाम हो। प्लाट मालिक को कहा जाएगा कि वह इसकी बाउंड्री करवाएं।
भूरेलाल ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि कोयला, रबर जैसे अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल करने वाली यूनिट पर पेनल्टी लगाना ही पर्याप्त है। इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए फैक्ट्री सील करने के साथ मालिक पर भी कार्रवाई होगी।