फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   SP countryman was caught on the phone by fraudulent fake IAS

एसपी देहात को फोन पर रौब झाड़कर फंसा फर्जी आईएएस, गिरफ्तार

Sun, 30 Dec 2018 02:59 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा Published by: vivek shukla Updated Sun, 30 Dec 2018 02:59 AM IST
विज्ञापन
SP countryman was caught on the phone by fraudulent fake IAS
- फोटो : demo

बादलपुर थाना पुलिस ने एक फर्जी आईएएस को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को डीएम बता अफसरों को कॉल कर अपने करीबी व परिचितों के काम कराने का दबाव बनाकर रौब जमा चुका है। एसपी देहात विनीत जायसवाल को भी आरोपी ने दुजाना गांव के एक व्यक्ति का काम कराने के लिए कॉल किया, लेकिन उन्हें देर तक झांसा नहीं दे पाया। पड़ताल के बाद आरोपी के फर्जी पाए जाने पर बादलपुर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन


एसपी देहात विनीत जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र में श्याम पार्क निवासी मनी त्यागी कुछ दिन से थाना प्रभारी बादलपुर नागेंद्र चौबे और उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह को कॉल कर रहा था। मनी लोनी थाना क्षेत्र के गांव रिस्थल निवासी चमन सिंह के दुजाना गांव निवासी एक व्यक्ति से रुपये आदि दिलाने के लिए खुद को डीएम विशाल कुमार बताकर कॉल करता था। आरोपी खुद को त्रिपुरा कैडर का बताकर रौब झाड़ रहा था। काम में देरी होने पर आरोपी ने एसपी देहात को भी फोन किया। इसके बाद आरोपी की पोल खुल गई और उसे बादलपुर थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

      
पूछा कैडर बताया बैच तो पोल खुली
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी जिस तरह बात कर रहा था उससे लग रहा था कि कोई अधिकारी बात कर रहा है। इसके बावजूद संशय होने पर उससे पूछा गया कि वह कौन से कैडर का है तो उसने कहा कि 2005 का। इससे एसपी देहात का शक बढ़ गया और जांच कराई गई जिसमें आरोपी फर्जी पाया गया। आरोपी ने गाजियाबाद से स्नातक किया है और मां शिक्षिका है। इससे पहले आरोपी टैक्स अधिकारी समेत अन्य को कॉल कर कर चुका था।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीबियों व परिचितों को बताता था आईएएस हैं रिश्तेदार
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अपने करीबी व परिचितों को बताता था कि आईएएस विशाल कुमार उसके रिश्तेदार हैं। आरोपी किसी से उन्हें त्रिपुरा कैडर तो किसी से राजस्थान कैडर का बताता था। आरोपी उन्हें झांसा देता था कि वह उनका कोई काम हो तो वह उनसे करा सकता है। काम मिलने पर आरोपी खुद विशाल बनकर कॉल करता था। आशंका है कि आरोपी काम कराने की एवज में करीबी व परिचितों से रुपये ऐंठता था।


लखनऊ तक की कॉल
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए फर्जी आईएएस ने अपने मोबाइल के ट्रूकॉलर में भी डीएम का नाम लिख रखा था। आरोपी ने गाजियाबाद और लखनऊ के अधिकारियों को भी कॉल की थी। आरोपी के मोबाइल से पुलिस को उनसे बात करने की रिकॉर्डिंग में मिली है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed