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स्मृति ईरानी की शिक्षा संबंधी गलत जानकारी देने के मामले पर 6 अक्तूबर को फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:49 PM IST
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स्मृति ईरानी
- फोटो : amar ujala
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चुनावी हलफनामे में शिक्षा संबंधी गलत जानकारी देने के मामले में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को समन जारी करने के मुद्दे पर अदालत ने शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। ईरानी पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी हलफनामों में शिक्षा संबंधी गलत जानकारी दी थी।
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पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने मामले में शिकायतकर्ता स्वतंत्र लेखक अहमर खान की दलीलें सुनने व चुनाव आयोग तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश केस प्रॉपर्टी पर विचार करने के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। फैसला सुनाने के लिए 6 अक्तूबर की तारीख तय की गई है।
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अदालती निर्देश के मद्दनेजर दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा था कि 1996 में ईरानी द्वारा बीए कोर्स से संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। ईरानी ने 1996 में बीए करने की जानकारी 2004 लोकसभा चुनाव के हलफनामे में दी थी।
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अदालत ने स्मृति का चुनाव आयोग व दिल्ली विश्वविद्यालय का रिकॉर्ड मंगाने के लिए शिकायतकर्ता की अर्जी 20 नवंबर 2016 को स्वीकार की थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह इस रिकॉर्ड को कोर्ट में पेश करने में असमर्थ है।
शैक्षिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी देने का आरोप
स्मृति ईरानी
- फोटो : amar ujala
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कोर्ट को बताया था कि ईरानी का शिक्षा संबंधी रिकॉर्ड मिल नहीं रहा है। हालांकि यह सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि ईरानी ने जानबूझकर 2004, 2011 व 2014 के चुनावी हलफनामों में अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी दी थी। कानून के मुताबिक, हलफनामे में कोई भी गलत जानकारी देना जुर्म है। इस संबंध में विवाद उठने पर भी ईरानी ने कोई सफाई नहीं दी।
मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि ईरानी ने जानबूझकर 2004, 2011 व 2014 के चुनावी हलफनामों में अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी दी थी। कानून के मुताबिक, हलफनामे में कोई भी गलत जानकारी देना जुर्म है। इस संबंध में विवाद उठने पर भी ईरानी ने कोई सफाई नहीं दी।