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हर सांस के बदले 40 सिगरेट के बराबर ले रहे हैं धुंआ

Mon, 07 Nov 2016 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 07 Nov 2016 02:30 PM IST
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smog in cyber city gurugram gurgaon
गुरुग्राम में छाया स्मॉग।

साइबर सिटी की अबोहवा में घुला जहर लोगों की सांसों को छीन रहा है। स्मॉग का स्तर अधिक होने के कारण सिगरेट नहीं पीने वाले भी सिगरेट पीने वालों से अधिक प्रदूषण अपने अंदर ले रहे हैं। बीते एक सप्ताह में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ने से लोगों का फेफड़ा फूल रहा है। एक आदमी 40 सिगरेट के बराबर अपने फेफड़े को प्रदूषण दे रहा है।   

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गुरुग्राम की आबोहवा में पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य से 700 फीसदी अधिक है। रविवार को पीएम 2.5 का सुबह 420 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है। जबकि दो नवंबर को देश के 31 शहरों में गुरुग्राम पहले नंबर पर था। 454 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले इस सप्ताह में भी राहत नहीं मिलेगी। ठंड बढ़ने के साथ स्मॉग घना होता जाएगा।
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फोर्टिस अस्पताल के श्वास रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज गोयल बताते हैं कि मौजूदा हवा में पीएम-2.5 के साथ हाइड्रोकार्बन, नाइट्रस ऑक्साइड और ओजोन की मात्रा अधिक है। जबकि इसी तरह एक सिगरेट में 30 से अधिक केमिकल होते है। अब यहां हर सांस के बदले सिगरेट का कस लेने जैसा है। अगर सही तरीके से वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए तो कम से कम 40 सिगरेट के बराबर प्रदूषण निकलेगा।  
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सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी 
निजी अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक बीते एक सप्ताह में करीब 300 फीसदी सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें करीब 40 फीसदी ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनकी हालत नाजुक है और उन्हें भर्ती कर कृत्रिम ऑक्सीजन दी जा रही है। 


पारस अस्पताल के डॉक्टर नीरज गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें अचानक बढ़ोतरी हुई है। करीब 10 फीसदी ऐसे होते हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत होती है। आर्टिमिस अस्पताल में करीब इतने मरीज आ रहे हैं। पुल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु गर्ग बताते हैं कि प्रदूषण सामान्य लोगों में खांसी, जुकाम, नजला, बलगम जैसी बीमारियों को बढ़ा देती है। एक हफ्ते तक ऐसी ही प्रदूषित हवा रही तो यह शरीर के लिए जानलेवा हो सकती है। ऐसे हालातों में जिन लोगों को सांस से जुड़ी बीमारी है उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। 

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