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छह कोच की मेट्रो चलने से मिली राहत, नियंत्रण में भीड़
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 22 Mar 2016 09:31 AM IST
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मेट्रो
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डीएमआरसी ने बदरपुर-एस्कॉट्र्स मुजेसर रूट पर छह कोच वाली ट्रेनें फिर से शुरू कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को सुबह शाम होने वाली भीड़ से काफी राहत मिली है। यात्रियों की कमी की वजह से मेट्रो ने रूट पर सेवा शुरू होने के एक माह के भीतर छह कोच वाली ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। यह सेवा फरवरी माह के अंत से बहाल कर दी गई है।
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सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह मंडी हाउस से बॉर्डर तक और बॉर्डर से एस्कॉट्र्स मुजेसर तक चलने वाली ट्रेनों के बीच समन्वय स्थापित करना है। मंडी हाउस से बॉर्डर तक अधिकतर ट्रेन छह कोच की चलाई जाती हैं, जबकि फरीदाबाद कॉरिडोर पर चार कोच की ट्रेन चलाई जा रही थीं।
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बॉर्डर स्टेशन पर इन दोनों रूट की ट्रेनों के बीच समन्वय नहीं बन पा रहा था। इस वजह से फरीदाबाद कॉरिडोर की ट्रेनें लेट हो रही थीं। यहां तक कि इस रूट की ट्रेनों की गति भी घटा दी गई थी।
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छह कोच की 19 ट्रेनें उतारीं
इस रूट पर ऑफ पीक समय पर 7:30 मिनट और पीक समय पर 6:40 मिनट की फ्रीक्वेंसी भी मेनटेन नहीं हो पा रही थी। इन समस्याओं का हल निकालने के लिए डीएमआरसी ने इस रूट पर छह कोच वाली ट्रेनें बढ़ा दीं। वर्तमान में इस रूट पर चल रही 27 ट्रेनों में से 19 छह कोच की संचालित की जा रही हैं।
अक्तूबर से बंद कर दिया था संचालन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को यातायात के आधुनिक संसाधनों से लैस करने की योजना के तहत 2012 में औद्योगिक शहर में मेट्रो लाने का निर्णय लिया गया था। 2012 में तैयार की गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक इस रूट के नौ स्टेशनों पर प्रतिदिन 1.94 लाख यात्रियों के आने जाने का अनुमान लगाया गया था। 6 सितंबर 2015 को मेट्रो का यातायात शुरू हो गया। पहले दिन करीब 26 हजार लोगों ने यात्रा की थी।
इस रूट पर कभी भी यात्रियों की संख्या का आंकड़ा 60 हजार से ज्यादा नहीं पहुंच सका। करीब 48 हजार यात्री प्रतिदिन का औसत आने पर डीएमआरसी ने अक्तूबर माह में इस रूट पर छह कोच वाली मेट्रो का संचालन बंद कर दिया। इसकी वजह भी संचालन की लागत कम करना बताया गया था।