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सुनपेड : परिजनों और पड़ोसियों के बयान मिलाने में जुटी SIT

Sun, 25 Oct 2015 08:52 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 25 Oct 2015 08:52 PM IST
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SIT trying to match statement of family and neighbors.

सुनपेड़ मामले की परतें खोलने के लिए एसआईटी ने पीड़ित जितेंद्र के पड़ोसियों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। एसआईटी की इस कवायद को पूरे घटना क्रम के तथ्यों व बयानों को नए सिरे से पिरोने के रूप में देखा जा रहा है।

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एसआईटी अब जितेंद्र, उसकी पत्नी रेखा और जितेंद्र के परिजनों के बयानों के साथ उन पड़ोसियों के बयानों को भी मेल करना चाहती है, जो घटना स्थल पर पहले पहुंचे थे या फिर उनके घर जितेंद्र के आस-पास हैं।

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रविवार को जितेंद्र के पड़ोसियों और आमने-सामने वाले करीब पांच-छह घरों में एसआईटी ने बयान दर्ज किए। इस दौरान टीम ने एक-एक व्यक्ति को अलग से बंद कमरे में बैठा कर बात की और बयान लिखने के साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग भी की।
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पड़ोसियों के बयान लेने से पहले एसआईटी ने फिर से जितेंद्र के चचेरे भाई जगमाल के घर जाकर महिलाओं के बयान दर्ज किए।

बयानों व तथ्यों के मिलान की कोशिश

SIT trying to match statement of family and neighbors.

एसआईटी सूत्रों की मानें तो जितेंद्र के रिश्तेदारों के बयान भी बार-बार इसी कारण लिए जा रहे हैं, क्यों कि पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जिस व्यक्ति के बयान वह पहले ले चुकी है, उस बयान में कोई अंतर तो नहीं आ रहा है।

इसी तरह पड़ोसियों के बयानों के आधार पर भी एसआईटी पूरे घटनाक्रम के तथ्यों व सूचना को जितेंद्र व उसके परिवार के बयानों से मिला कर देखना चाहती है।

अभी तक के घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि बयानों में काफी विरोधाभास हैं। जितेंद्र के घटना के बाद के बयान और एफआईआर में दर्ज बयानों में भी अंतर है। घटना स्थल पर मिले साक्ष्यों व परिस्थितिथियों  से भी पीड़ितों के बयान बहुत कम मेल खा रहे हैं।

जितेंद्र से हो सकती है अलग से पूछताछ

SIT trying to match statement of family and neighbors.

रविवार को एसआईटी फिर से जितेंद्र के सभी परिजनों से मिली। जितेंद्र भी शनिवार को बीके अस्पताल से घर पहुंच चुका है। उसकी स्थिति में भी काफी सुधार है, हाथों से पट्टी हटा दी गई है।

रविवार को जितेंद्र ने जूस व फल भी लिए। यह भी माना जा रहा है कि जांच सीबीआई के हाथों में पहुंचने से पहले एसआईटी जितेंद्र से भी अलग से पूछताछ कर सकती है। इसमें जितेंद्र के बयानों और घटना क्रम के अलावा अन्य कुछ बिंदुओं पर फिर से पूछताछ हो सकती है।

परिजन बनवा रहे हैं दूरी-
जितेंद्र के आसपास मौजूद परिजन अब धीरे-धीरे जितेंद्र की मीडिया व बाहरी लोगों से दूरी बनवा रहे हैं। रविवार को जितेंद्र ने अपने कुछ रिश्तेदारों से सामान्य रूप से बातचीत की, लेकिन कुछ मीडियाकर्मियों के वहां पहुंचते ही एक परिजन ने जितेंद्र को बता दिया कि पत्रकार हैं, जिसके बाद जितेंद्र ने बात करनी बंद कर दी, इस दौरान उसने मीडिया से भी बात नहीं की।

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