चोटी काटने वाली गजल को सवा करोड़ ने देखा, अब हरियाणा हिंसा पर गाएंगे सिंगर अरशद
नगीना।
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चोटी कटन का दौर चला, बचके रहियो लाली.. गजल से हिंदुस्तान में धूम मचाने वाले प्रख्यात सिंगर अरशद खान जल्दी ही हरियाणा में जाट आरक्षण, रामपाल कांड और बाबा राम रहीम के नाम पर हरियाणा में हुई हिंसा को लेकर नई गजल बनाई है, जिसके बोल हैं दूध दही का खाना था, यही मेरा हरियाणा था...।
उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश को जागरूक करने और सांझी विरासत को संभालने के प्रति यह गजल काफी हद तक लोगों को पसंद आएगी। शनिवार को यू-ट्यूब पर तीन तलाक के ऊपर देशभर में मचे बवाल और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर बनी गजल लांच हुई, जिसका महिलाओं को सम्मान दिलाने और किसी के धर्म में हस्तक्षेप न करना मुख्य मकसद है। इस गजल में कालाधन पर भी बेबाक टिप्पणी की गई है।
बडकली चौक पर बातचीत में सिंगर अरशद खान बीसरू ने बताया कि शनिवार को यू-ट्यूब पर लांच हुई उनकी गजल में तीन तलाक के नाम पर महिलाओं के साथ हो रही जबरदस्ती, हिंसा से छुटकारा दिलाने और शरीयत के हिसाब से तलाक कायम रखने पर रोशनी डाली गई है।
कहीं न कहीं इंसानियत शर्मसार हुई
उन्होंने बताया कि देशभर में सामाजिक समस्याओं के ऊपर समय-समय पर गजल के माध्यम से प्रकाश डालते रहे हैं। इसी महीने महिलाओं की चोटी कटने के ऊपर गजल बनाई जिसे एक महीने में विभिन्न माध्यमों से सवा करोड़ लोगों ने देखा। बोल थे, चोटी कटन का दौर चला, बचके रहियो लाली.. गजल को देश की मीडिया ने भी हाथों हाथ लिया था।
सिंगर खान ने बताया कि हरियाणा में पिछले सालों में हुई हिंसा पर नई गजल बनाई है जो हरियाणवी परिवेश पर भी प्रकाश डालेगी। सप्ताह के शुरू में यू-ट्यूब पर गजल लांच होगी। गजल की खासियत यह है कि जाट आरक्षण, रामपाल कांड और बाबा राम-रहीम की गिरफ्तारी के नाम पर प्रदेश में आस्था और आत्म-सम्मान के लिए हो रही हिंसा से पर्दा हटाना उद्देश्य है।
हरियाणा के लोग जिस प्रकार से आदर-सत्कार और भक्ति करते हैं उसमें हिंसा नहीं है। लेकिन जो घटनाएं घटी हैं, उनसे कहीं न कहीं इंसानियत शर्मसार हुई है।