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Delhi NCR News: 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी, 229 एनडीपीएस मामलों में 267 तस्कर गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रहार करते हुए 'ऑपरेशन कवच-13.0' को अंजाम दिया है। 29 मार्च की शाम से शुरू हुए इस 48 घंटे के महाभियान में दिल्ली के 15 जिलों में 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, इस ऑपरेशन के तहत एनडीपीएस के 229 मामलों में 267 तस्करों को दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से 100 किलो गांजा, 1.170 किलो कोकीन, हेरोइन और एमडीएमए जैसे घातक ड्रग्स बरामद किए हैं। इसके अलावा, आबकारी अधिनियम के तहत 416 मामले दर्ज कर 429 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 77 हजार से अधिक अवैध शराब के क्वार्टर जब्त किए गए। आर्म्स एक्ट के 254 मामलों में 259 अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वाले 2993 व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया।
कोप्टा के तहत भी 7971 उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई-
विशेष आयुक्त श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान में 19 पिस्तौल, 42 कट्टे और 191 चाकू बरामद कर 259 हथियार तस्कर दबोचे गए। जुआ अधिनियम में 528 लोग पकड़े गए और 10.28 लाख नकदी मिली। पुलिस ने 59 भगोड़े अपराधियों और 42 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 73 वाहन बरामद किए। निवारक कार्रवाई के तहत 5359 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और 5691 'बैड कैरेक्टर्स' की जांच हुई। साथ ही, 134 संवेदनशील 'हॉटस्पॉट' और 760 पार्कों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। कोप्टा के तहत भी 7971 उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की गई।
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कुल 4219 मामले दर्ज किए गए-
पिछली जांच के आधार पर 4,219 नार्को-अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले गए, जिनमें से 1,494 मौके पर मिले और 352 जेल में पाए गए। साथ ही 72 विदेशी नागरिकों की भी जांच हुई। इस विशाल ऑपरेशन की कमान संयुक्त सीपी धीरज कुमार ने संभाली, जिन्हें अतिरिक्त सीपी अभिषेक धनिया और डीसीपी राहुल अलवाल का सहयोग मिला। सभी रेंज के जॉइंट सीपी और जिलों के डीसीपी ने खुद फील्ड में उतरकर इस पूरी कार्रवाई की निगरानी की।
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रहार करते हुए 'ऑपरेशन कवच-13.0' को अंजाम दिया है। 29 मार्च की शाम से शुरू हुए इस 48 घंटे के महाभियान में दिल्ली के 15 जिलों में 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, इस ऑपरेशन के तहत एनडीपीएस के 229 मामलों में 267 तस्करों को दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से 100 किलो गांजा, 1.170 किलो कोकीन, हेरोइन और एमडीएमए जैसे घातक ड्रग्स बरामद किए हैं। इसके अलावा, आबकारी अधिनियम के तहत 416 मामले दर्ज कर 429 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 77 हजार से अधिक अवैध शराब के क्वार्टर जब्त किए गए। आर्म्स एक्ट के 254 मामलों में 259 अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वाले 2993 व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया।
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कोप्टा के तहत भी 7971 उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई-
विशेष आयुक्त श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान में 19 पिस्तौल, 42 कट्टे और 191 चाकू बरामद कर 259 हथियार तस्कर दबोचे गए। जुआ अधिनियम में 528 लोग पकड़े गए और 10.28 लाख नकदी मिली। पुलिस ने 59 भगोड़े अपराधियों और 42 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 73 वाहन बरामद किए। निवारक कार्रवाई के तहत 5359 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और 5691 'बैड कैरेक्टर्स' की जांच हुई। साथ ही, 134 संवेदनशील 'हॉटस्पॉट' और 760 पार्कों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। कोप्टा के तहत भी 7971 उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की गई।
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कुल 4219 मामले दर्ज किए गए-
पिछली जांच के आधार पर 4,219 नार्को-अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले गए, जिनमें से 1,494 मौके पर मिले और 352 जेल में पाए गए। साथ ही 72 विदेशी नागरिकों की भी जांच हुई। इस विशाल ऑपरेशन की कमान संयुक्त सीपी धीरज कुमार ने संभाली, जिन्हें अतिरिक्त सीपी अभिषेक धनिया और डीसीपी राहुल अलवाल का सहयोग मिला। सभी रेंज के जॉइंट सीपी और जिलों के डीसीपी ने खुद फील्ड में उतरकर इस पूरी कार्रवाई की निगरानी की।