फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Sikhs are not banned from carrying kirpan during air travel

Delhi HC: हवाई यात्रा के दौरान सिखों के कृपाण रखने पर पाबंदी नहीं, अदालत ने खारिज की याचिका

Fri, 23 Dec 2022 05:03 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 23 Dec 2022 05:03 AM IST
सार

याचिकाकर्ता हर्ष विभोर सिंघल ने दावा किया था कि उड़ान में कृपाण ले जाने की अनुमति देने के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए हितधारकों की एक समिति गठित की जानी चाहिए। सिंघल ने केंद्र सरकार की चार मार्च, 2022 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी।

विज्ञापन
Sikhs are not banned from carrying kirpan during air travel
Delhi high court - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने हवाई यात्रा के दौरान सिखों को कृपाण साथ रखने की अनुमति के खिलाफ एक जनहित याचिका खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि याचिका खारिज की जाती है।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता हर्ष विभोर सिंघल ने दावा किया था कि उड़ान में कृपाण ले जाने की अनुमति देने के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए हितधारकों की एक समिति गठित की जानी चाहिए। सिंघल ने केंद्र सरकार की चार मार्च, 2022 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी। इसमें कहा गया था कि सिख यात्रियों को भारत में सभी घरेलू मार्गों पर संचालित होने वाली यात्री उड़ानों में अपने साथ कृपाण ले जाने की विशिष्ट नियामक मंजूरी लेनी होगी। हवाई यात्रा के दौरान सिख यात्रियों की कृपाण की ब्लेड की लंबाई छह इंच और कृपाण की कुल लंबाई नौ इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


पीठ ने पहले मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि यह भारत सरकार की नीति है और अदालत इसमें तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि इसमें मनमानी न की जा रही हो। याचिकाकर्ता ने कहा था कि वह संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत किसी धर्म को मानने और उसका पालन करने के अधिकार पर प्रश्न नहीं उठा रहा है बल्कि इस मुद्दे की जांच के लिए हितधारकों की एक समिति का गठन चाहता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

व्यस्त सड़कों पर चौड़े रास्ते बनाए रखें: उच्च न्यायालय
उच्च न्यायालय ने कहा है कि पैदल चलने वालों की सुविधा, खासकर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर समान रूप से चौड़े रास्ते की जरूरत है। मथुरा रोड पर मंदिर के पास स्थित मस्जिद के कारण पीडब्ल्यूडी के रास्ते में आ रही रुकावटों के मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने मंदिर के रखवालों की एक याचिका पर वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया है।

सरकार के वकील ने दी ये दलील
आईटीओ के पास मंदिर द्वारा कथित अतिक्रमण पर प्राधिकार की तरफ से पत्र भेजने के बाद इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय चले गए थे। दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि रास्ते के लिए छह मीटर चौड़ाई की जरूरत थी, जिसे मंदिर ने बंद कर दिया था। वकील ने कहा कि मंदिर के बगल में एक मस्जिद भी है और दिल्ली वक्फ बोर्ड को भी नोटिस भेजा गया है। अभी रास्ता छह मीटर की जगह जरूरत के मुताबिक 2.5 मीटर चौड़ा है। 

वक्फ बोर्ड के वकील को बुलाओ, हम इसे सुलझा लेंगे: कोर्ट
अदालत ने कहा कि वक्फ बोर्ड के वकील को बुलाओ, हम इसे सुलझा लेंगे। भारी ट्रैफिक होने की वजह से सड़क पर चलना संभव नहीं है और ऐसे में पैदल चलने वालों की सहूलियत के लिए जगह जरूरी है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ को एकसमान बनाया जाएगा। पैदल मार्ग को एक समान बनाने की जरूरत को देखते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी करें। मथुरा रोड जैसी व्यस्त सड़क पर छह मीटर चौड़े पैदल मार्ग को समान रूप से बनाने की जरूरत है, ताकि पैदल चलने वालों के लिए जगह हो। दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि 2012 से ही फुटपाथ पर अतिक्रमण और मंदिर के रास्ते में खड़े होने को लेकर कोई विवाद नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed