AIIMS Server: सर्वर ठप मामले में चौंकाने वाली जानकारी आई, साइबर हमला नहीं, एंटी वायरस का लाइसेंस खत्म हुआ था
देश की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एम्स में कुल 50 सर्वर हैं। इनमें से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तीन सर्वर हैं। इन तीनों सर्वर से ही एम्स की सभी सेवाएं चलती हैं। बाकी एम्स के सर्वर हैं और उससे विभाग का अन्य काम होता है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सर्वर ठप मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एम्स के एंटी-वायरस सर्वर का लाइसेंस खत्म हो गया था। साथ ही एम्स के नेटवर्क का फायरवॉल भी काम नहीं कर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले की पुष्टि की है। दिल्ली पुलिस शुरुआती जांच के बाद इसे साइबर कंप्यूटर घटना बता रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में साइबर हमले की बात सामने नहीं आई है।
देश की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एम्स में कुल 50 सर्वर हैं। इनमें से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तीन सर्वर हैं। इन तीनों सर्वर से ही एम्स की सभी सेवाएं चलती हैं। बाकी एम्स के सर्वर हैं और उससे विभाग का अन्य काम होता है। सुरक्षा एजेंसी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एम्स के एंटी-वायरस सर्वर का लाइसेंस खत्म हो गया था। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि एम्स के कंप्यूटर बहुत ही पुराने हैं और वह ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामले की जांच लंबी होती है। अभी डाटा की स्कैनिंग की जा रही है। जांच में कई दिन लग सकते हैं।
एम्स के सुरक्षा विभाग की शिकायत पर इस मामले में स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन(आईएफएसओ) में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज की गई थी। आईएफएसओ की एक टीम इस मामले में विशेष तौर से जांच कर रही है। साथ ही कंप्यूटर एमरजेंसी रेस्पांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। इसके अलावा दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
सफदरजंग में भी फेल हुआ था सर्वर
सफदरजंग अस्पताल में भी करीब एक सप्ताह पहले सर्वर ठप हुआ था। इसके के बाद ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गई थीं। जांच रिपोर्ट व अन्य के लिए मैनुअल आधार पर काम किया गया। आरएमएल में भी करीब 15 से 20 दिन पहले सर्वर ठप हुआ था।