प्यार-धोखा फिर झगड़ा और कत्ल: वारदात से पहले अनुज का आखिरी वीडियो आया सामने, 23 मिनट में... बताई वो हर बात
यह वीडियो कब का है, यह तो स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि इससे यह साफ है कि वह स्नेहा की हत्या की प्लानिंग वह पहले ही कर चुका था।
विस्तार
ग्रेटर नोएडा के दादरी कोतवाली क्षेत्र के शिवनादर विश्वविद्यालय में गुरुवार दोपहर अमरोहा के छात्र अनुज ने सहपाठी छात्रा स्नेहा चौरसिया की गोली मारकर हत्या कर दी। अनुज ने पहले छात्रा को गले से लगाया और फिर उसके सीने व पेट में दो गोलियां मारीं। इसके बाद आरोपी छात्र ने बॉयज हॉस्टल में जाकर खुद भी गोली मारकर जान दे दी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वारदात के बाद पुलिस को अनुज के जीमेल अकाउंट से एक 23 मिनट का वीडियो भी अपने कब्जे में लिया है।
वीडियो में अनुज ने स्नेहा के कत्ल की वजह के बारे में विस्तार से बताया है। यह वीडियो कब का है, यह तो स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि इससे यह साफ है कि वह स्नेहा की हत्या की प्लानिंग वह पहले ही कर चुका था। क्योंकि, वीडियो में वह कह रहा है कि उसे उसके किए की सजा भुगतनी होगी।
वीडियो में अनुज बोला- मैं बहुत अच्छा लड़का था
वीडियो में अनुज ने कहा- जो मैं करने जा रहा हूं... उसको जस्टीफाइड नहीं कर सकते हैं। मैं ऐसा नहीं था, बहुत अच्छा लड़का था। किसी से झगड़ता नहीं था। नेशनल लेवल का खिलाड़ी था। इसके बाद मैं कॉलेज आया। यहां मुझे एक लड़की मिली, स्नेहा चौरसिया। उसने मेरी लाइफ बदल दी।
'मैंने पहले बहन फिर चाचा-चाची को खोया'
वीडियो में अनुज ने अपने घर से जड़ी समस्याओं के बारे में बताया। उसने अपने मेंटल ट्रामा का भी जिक्र करते हुए कहा कि उसकी बहन को पति ने जिंदा जला दिया था और उसके चाचा की हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई। ऐसा इसलिए क्योंकि चाचा की पत्नी किसी और के साथ चली गई थी। ये लोग मेरे बहुत करीब थे। मैं मेंटल ट्रामा से गुजर चुका था। लेकिन मैं उभर आया था।
'अंशू के चंगुल से छुड़ाने के बाद उसे मैं अच्छा लगने लगा था'
अनुज को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'जब स्नेह उसकी जिंदगी में आई तो उसने दिखाया कि वो बहुत अच्छी लड़की है। उसकी लाइफ में एक लड़का था अंशू। उसे उस टॉक्सिक रिलेशनशिप से निकलने में मैंने मदद की। फिर स्नेहा को मैं अच्छा लगने लगा। उसने मुझे प्रपोज किया। मैंने उसे मना भी किया था। फिर मैंने उसका प्रपोजल स्वीकार कर लिया। इसके बाद कुछ समय ठीक चला, लेकिन ऐसा कुछ था नहीं।
'मैं उसे सच्चा प्यार करता हूं, वो मुझे धोखा दे रही थी'
स्नेहा के संपर्क में आने के बाद कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन अचानक उसके बर्ताव में बदलाव होने लगे। मैं समझ नहीं पा रहा था कि आखिरकार स्नेहा को हो क्या गया है। मैंने स्नेहा से उससे पूछने की कोशिश भी की, लेकिन वह कुछ बताती नहीं थी। एक दिन वह रो रही थी, जब मैंने उससे रोने की वजह पूछी तो उसने जवाब दिया कि रसोई घर में काम करने वाले आशुतोष पांडेय नामक लड़के से उसका रिश्ता था। अब वह लड़का उसको परेशान कर रहा है। तब महसूस हुआ कि वह मुझे धोखा दे रही थी, लेकिन उससे सच्चा प्यार करता था। इसलिए मैंने उसके दुख दर्द को समझा।
'नए रिलेशनशिप में जाने की वजह से ही मुझे छोड़ा'
उस लड़की की वजह से मैं मानसिक तौर पर परेशान हो रहा हूं, मेरी पढ़ाई उसकी वजह से प्रभावित हो रही है। क्या इस चीज की उसे कोई सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्या वो ऐेसे ही लोगों के साथ खेले और चली जाए। मैंने उससे कहा कि दोस्त बनकर रहते हैं। लेकिन उसने मानने से इनकार कर दिया। लेकिन मैंने उसकी वह बात उस वक्त मान ली, मुझे नहीं लगा कि वो अब आएगी। उसके कुछ दिन बाद मुझे पता लगता है कि वो अब किसी नए रिलेशनशिप में है और तब मुझे पता लगा कि जब से उसने मुझे छोड़ा तब से पहले से वह उस नए रिश्ते में थी। उसने मुझे इसलिए छोड़ा क्योंकि उसे नए रिश्ते में जाना था।
यह था मामला
कानपुर के ओमनगर निवासी छात्रा स्नेहा चौरसिया और अमरोहा के सोनगढ़ गांव निवासी अनुज कोतवाली दादरी क्षेत्र के जीटी रोड स्थित शिव नादर विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र बीए तृतीय वर्ष के विद्यार्थी थे। अनुज और स्नेहा में काफी समय से गहरी दोस्ती थी। बृहस्पतिवार दोपहर को अनुज व स्नेहा विश्वविद्यालय के डायनिंग हॉल के सामने पहुंचे। छात्र-छात्रा दोनों पहले आपस में वार्तालाप करने लगे। इसी दौरान किसी बात को लेकर मामूली नोकझोंक और धक्का मुक्की के बीच आरोपी अनुज ने स्नेहा को गोली मारी। छात्रा गोली लगने पर जमीन पर गिर पड़ी और छात्र बैग उठाकर बेखौफ वहां से चला गया। छात्र ने हॉस्टल के कक्ष संख्या-328 में पहुंचकर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर डीसीपी साद मियां, एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार और एसीपी सार्थक सेंगर पुलिस बल के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे और जांच पड़ताल की।
दीक्षांत समारोह की तैयारियों में जुटे थे
विश्वविद्यालय के डीजीएम अनिल कुमार का कहना है कि 12 मई को छात्र-छात्रा की परीक्षा समाप्त हो चुकी है, लेकिन 26 मई को विवि में दीक्षांत समारोह होना है। इसके चलते कई छात्र-छात्रा दीक्षांत समारोह की तैयारियों में जुटे हैं। अनुज व स्नेहा भी इसी वजह से विवि में रुके थे। जबकि अधिकांश छात्र वापस लौट चुके हैं।
विवि की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विवि की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र के पास पिस्टल कहां से आई और वह इसे लेकर विवि परिसर में कैसे पहुंच गया। कुछ ऐसे ही सवाल विवि की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर विवि में सुरक्षा व्यवस्था सही होती तो ये घटना घटित नहीं होती। पुलिस गहनता से पूरे मामले की जांच कर रही है।