फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Shaheen Bagh vs free facilities Delhiites will decide today

दिल्ली विधानसभा चुनावः शाहीन बाग बनाम मुफ्त सुविधाएं, दिल्ली वाले आज कर रहे हैं फैसला

Sat, 08 Feb 2020 03:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 Feb 2020 03:43 AM IST
सार

  • आप सत्ता में वापसी तो भाजपा चाहेगी वनवास खत्म करना
  • कांग्रेस को शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल में हुए विकास का सहारा
  • दिल्ली का विकास, शाहीन बाग, मुफ्त बिजली-पानी, प्रदूषण, ट्रैफिक समेत कई मुद्दे पर दिल्ली के मतदाता करने निकलेंगे फैसला

विज्ञापन
Shaheen Bagh vs free facilities Delhiites will decide today
ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली की चुनावी जंग में शनिवार को प्रतिष्ठा की लड़ाई शुरू हो गई है। चुनाव में स्थानीय मुद्दे के साथ-साथ सीएए और एनआरसी को लेकर धरना-प्रदर्शन और शाहीन बाग जैसे राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे व स्थानीय व केंद्रीय चेहरे पर मतदान हो रहा है। भाजपा ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के सभी दिग्गज चुनाव मैदान में उतरकर जमकर पसीना बहाया। वहीं, आप विकास के भरोसे सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है। कांग्रेस ने भी शीला सरकार के विकास को लेकर मैदान में है।  

विज्ञापन


दिल्ली का चुनाव हर दिन नया करवट लेता रहा। कभी कोई तो कभी कोई मुद्दे मतदाताओं के बीच उछलते रहे। हर दिन राजनीतिक मुद्दे बदले और वोटरों के सामने राजनीतिक दलों ने पासे पर पासे फेंकते रहे। आप व भाजपा ने एक दूसरे को राजनीतिक पटकनी देने के लिए हर उस हथकंडे अपनाए जिससे वह वोटर को अपने पक्ष में कर सके। वहीं कांग्रेस ने भी दोनों की लड़ाई में चुप्पी साधे हुए अपने परंपरागत वोटरों के बीच पहुंचती रही।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


विधानसभा चुनाव की घोषण के पहले तो आप व भाजपा अनधिकृत कॉलोनी को अधिकृत करने के मुद्दे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप एक दूसरे पर मढ़ते रहे। भाजपा जहां अनधिकृत कॉलोनी को अधिकृत कर पूर्वांचली वोटरों को अपने पाले में करने की जुगत में लगी रही तो वहीं आम आदमी पार्टी अनधिकृत कॉलोनी में किए गए विकास और भाजपा पर गुमराह करने का आरोप मढ़ते रही।

इसी बीच दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण और लगातार हो रहे अग्निकांड पर दोनों पार्टी एक दूसरे को कठघरे में खड़े करती रही। प्रदूषण से राहत देने के मामले में दोनों पार्टियां अपना पक्ष मजबूत करती रही। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आती गई और अचानक से नागरिकता संशोधन कानून पर दिल्ली की राजनीति गरमा गई।


एक विशेष वर्ग को साधने की कोशिश में जहां आप विधायक व कांग्रेस के पूर्व विधायक समर्थन में आ गए तो भाजपा ने अपना राष्ट्रवादी कार्ड खेल दिया। हिंदुत्व का एजेंडा जैसे ही भाजपा ने अपनाया दिल्ली की राजनीति करवट लेने लगी। इस कार्ड को लेकर भाजपा आक्रामक चुनाव प्रचार अभियान में जुट गई। इस स्थिति में भाजपा बराबरी की लड़ाई में पहुंच गई। 

शाहीन बाग मुद्दे के बार आम आदमी पार्टी के बिजली-पानी और बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर कराने का कार्ड पर भारी पड़ता दिखा। हालांकि शुक्रवार को चुनाव वाले दिन इसे ध्यान में रख कर मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे। उधर कांग्रेस भी अपने रफ्तार से शाहीन बाग मुद्दे पर बीच का रास्ता अख्तियार कर विशेष वर्ग के साथ शीला दीक्षित के विकास पर वोट मांगती दिखीं। इस बीच मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी कौन होगा इस पर भी लंबी राजनीति चली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed