दो हफ्ते बाद होगा भगवंत मान की संसद सदस्यता पर फैसला, लोकसभा प्रवेश पर रोक
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संसद का वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज लोकसभा अध्यक्ष ने किरीट सौमैया की कमेटी को जांच के लिए 2 हफ्ते का और समय दे दिया। जांच चलने तक मान को संसद न आने की सलाह दी गई।
गौरतलब है कि संसद परिसर की वीडियोग्राफी मामले में गठित लोकसभा की जांच समिति ने आप सांसद भगवंत मान को संसद की सुरक्षा सार्वजनिक करने का दोषी पाया है, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर सदस्य बंट गए हैं।
समिति में शामिल टीएमसी और कांग्रेस के सदस्य मान को इसी सत्र तक के लिए निलंबित करने के पक्ष में हैं, जबकि भाजपा के सदस्य उन्हें कम से कम तीन सत्र के लिए सदन से बाहर करवाना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में कार्रवाई पर आम राय न बनने के कारण किसी तरह की सजा का जिक्र नहीं किया है।
इस बीच मान के असहयोग पूर्ण रवैये और समिति में आमराय न बनने के कारण रिपोर्ट तैयार करने से पहले समिति के अध्यक्ष किरीट सोमैया ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान उन्होंने समिति के समक्ष मान के गंभीर न होने की जानकारी देते हुए सलाह मांगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई। दरअसल, मान के खिलाफ गठित नौ सदस्यीय समिति में कार्रवाई के सवाल पर आमराय नहीं बन पाई।
भाजपा, बीजेडी के सदस्य मान के खिलाफ
भाजपा, बीजेडी के सदस्य मान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के पक्ष में रहे। इनकी इच्छा थी कि मान को कम से कम अगले तीन सत्र के लिए निलंबित करने की सिफारिश की जाए। जबकि कांग्रेस और टीएमसी के सदस्यों ने लगातार कठोर कार्रवाई की जगह सांकेतिक कार्रवाई का सुझाव दिया।
इनकी राय थी कि मान को चेतावनी देने के साथ ही महज इसी सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित किया जाना चाहिए। इस बीच मान ने अपने रवैये से समिति को बुरी तरह उलझा दिया है।
समिति के एक सदस्य ने बताया कि वह समिति के समक्ष को अपनी गलती मानते हैं, मगर मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समन करने की अपनी मांग दुहराते हैं। उक्त सदस्य ने बताया कि चूंकि उलझन ज्यादा ही बढ़ गई, इसलिए समिति के अध्यक्ष ने इस मामले में स्पीकर की राय ली है।
मान को नशा मुक्ति केंद्र भेजने की मांग
इस बीच तीन सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिख कर मान को नशा मुक्ति केंद्र भेजने की मांग की है। भाजपा के महेश गिरी, अकाली दल के चंदू माजरा और आप के निलंबित सांसद हरिंदर खालसा ने अपने पत्र में मान को शराब का आदी बताया है। इन सांसदों ने कहा है कि मान को लोकसभा के खर्च पर नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाए। वह जब तक ठीक नहीं होते, तब तक उन्हें संसद की कार्रवाई से दूर रखा जाए।