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आगे बढ़ा मोदी का अभियान, बच्चे लेंगे 'शपथ'
Updated Tue, 14 Oct 2014 05:28 PM IST
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महात्मा गांधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर को देशभर में स्वच्छता अभियान के तौर शुरू करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल की चर्चा पूरे देश में हुई। प्रधानमंत्री ने इस दिन इंडिया गेट से अभियान की औपचारिक शुरूआत करते हुए देशवासियों को एक शपथ लेने का भी आह्वान किया।
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इस शपथपत्र में कहा गया है कि हर नागरिक साल में कम से कम सौ घंटे यानि हफ्ते में कम से कम दो घंटे सफाई के लिए देने की शपथ ले। असल में प्रधानमंत्री देश को दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में शामिल करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
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सरकार का सफाई अभियान यहीं पर खत्म न हो जाए इसकी भी कोशिश जारी है। इस अभियान में एक नया कदम जोड़ा गया है। 15 अक्टूबर को सभी सरकारी स्कूल के बच्चों को एक नई शपथ दिलाई जाएगी।
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इस बार बच्चों को यह शपथ दिलाई जाएगी कि वह खाने से पहले और शौचा के बाद हाथ जरूर साफ करें। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बच्चों तक इस संदेश को पहुंचाने के लिए डायरेक्ट ऑफ एजूकेशन ने सभी सरकारी स्कूलों को एक विशेष सभा आयोजित करने को कहा है जिसमें बच्चों सहित पूरा स्कूल स्टाफ शपथ लेगा।
क्या है शपथ
स्कूलों में सुबह होने वाली सभा में इस कार्यक्रम को शुरू कराने की योजना है। इस कार्यक्रम में बच्चों को हाथ धोने से होने वाले फायदे से संबंधित कार्यक्रमों को दिखाने की भी बात कही जा रही है।
डायरेक्टर ऑफ एजूकेशन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 15 अक्टूबर को सभी स्कूल एक विशेष असेंबली आयोजित करें। इसमें बच्चों को शपथ दिलाने के साथ यह भी बताया जाए कि कैसे हाथों के सफाई कर वह डायरिया, निमोनिया और ऐसी ही संक्रामक बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।
यह शपथ हिंदी में होगी जो इस प्रकार है- 'मैं शपथ लेता हूं कि खाना खाने से पहले और शौच से आने के बाद मैं अपना हाथ स्वच्छ साबून और स्वच्छ पानी से साफ करूंगा। जब-जब मेरा हाथ गंदा होगा मैं ऐसा हर बार करूंगा। मैं हाथ धोने के इस काम को अपनी आदत बनाऊंगा क्योंकि ऐसा करके मैं खुद को बीमरियों से दूर रख सकता हूं।'
हालांकि इस अभियान के बारे में कुछ अध्यापकों का कहना है कि किसी भी अच्छी आदत को शपथ दिला कर शुरू नहीं कराया जा सकता। लेकिन ऐसा लगता है कि आजकल शपथ दिलाने का ट्रेंड ही शुरू हो गया है जिसे हर जगह चलाया जा रहा है।
डायरेक्टर ऑफ एजूकेशन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 15 अक्टूबर को सभी स्कूल एक विशेष असेंबली आयोजित करें। इसमें बच्चों को शपथ दिलाने के साथ यह भी बताया जाए कि कैसे हाथों के सफाई कर वह डायरिया, निमोनिया और ऐसी ही संक्रामक बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।
यह शपथ हिंदी में होगी जो इस प्रकार है- 'मैं शपथ लेता हूं कि खाना खाने से पहले और शौच से आने के बाद मैं अपना हाथ स्वच्छ साबून और स्वच्छ पानी से साफ करूंगा। जब-जब मेरा हाथ गंदा होगा मैं ऐसा हर बार करूंगा। मैं हाथ धोने के इस काम को अपनी आदत बनाऊंगा क्योंकि ऐसा करके मैं खुद को बीमरियों से दूर रख सकता हूं।'
हालांकि इस अभियान के बारे में कुछ अध्यापकों का कहना है कि किसी भी अच्छी आदत को शपथ दिला कर शुरू नहीं कराया जा सकता। लेकिन ऐसा लगता है कि आजकल शपथ दिलाने का ट्रेंड ही शुरू हो गया है जिसे हर जगह चलाया जा रहा है।