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क्यों लगाई SC/ST आयोग ने पुलिस को फटकार

Mon, 05 May 2014 04:23 PM IST
Updated Mon, 05 May 2014 04:23 PM IST
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SC commission team visited kanavani

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सचिव जेएन चेंबर रविवार को कनावनी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने दलित बस्ती में मौजूद लोगों व महिलाओं से बात की।

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अधिकांश घरों में दलितों के मौजूद नहीं रहने पर पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई। आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया का दौरा अंतिम समय में रद्द होने पर आयोग के सचिव जेएन चेंबर सुबह दस बजे टीम के साथ कनावनी पहुंचे।
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वह सीधे दलितों की बस्ती में गए। वहां कई घरों में ताले देखकर मौजूद पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की और जवाब पाकर अधिकारियों ने पुलिस को जोरदार फटकार लगाई।
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क्या पूरे गांव को अ‌भियुक्त बना ‌दिया है?

SC commission team visited kanavani

कनावनी पहुंचकर जब अधिकांश घरों में आयोग की टीम को ताले लटके मिले तो वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की। एक आला अधिकारी ने बताया कि यह बंद घर हत्या में नामजद आरोपियों के हैं। वहीं कुछ घर खुले मिले तो उनमें सामान गायब था।

गांव के कई घर गए और फिर पूछताछ की तो नगर के आला पुलिस अधिकारी ने फिर से वही अभियुक्त होने का जवाब दिया। इस पर जेएन चेंबर ने फटकार लगाते हुए कहा कि क्या पूरी बस्ती को ही अभियुक्त बना दिया। थाना प्रभारी व एसपी सिटी से पूछा कि किन-किन के खिलाफ एफआईआर है।

अब तक क्या कार्रवाई की गई है। इस दौरान दलित बस्ती में मौजूद लोगों व महिलाओं से पूछताछ की। घटना के दिन क्या-क्या हुआ। इसके बारे में विस्तार से जाना। महिलाओं ने आपबीती बताई। एक मकान में क्षतिग्रस्त कार व जली हुई बाइक को देखकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।

पुलिस-प्रशासन के खिलाफ खुलकर बोले गांववाले

SC commission team visited kanavani

गांव में दौरा करने के बाद आयोग के सचिव सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल पहुंचे। स्कूल की ढहाई गई इमारत को देखकर उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल से जमीन के बारे में जानकारी हासिल की।

स्कूल के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि घटना की रात कई वाहनों में पचास से साठ लोग हथियारों से लैस होकर आए। उन्होंने आसपास के लोगों को धमकाया और अपने साथ लाई गई जेसीबी मशीनों से स्कूल को ढहा दिया। उनके साथ पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।

सुबह हुई मारपीट के कारण घटना के वक्त स्कूल के आसपास पुलिस भी तैनात थी लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही। जेएन चेंबर ने पुलिस पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति किए जाने का आरोप भी लगाया। इस दौरान उन्होंने डीएम से भी अवैध कालोनी कैसे काटी गई इसके बारे में भी सवाल किए।

इंतजार करता रहा कसाना परिवार

SC commission team visited kanavani

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की टीम दौरा करने के लिए कनावनी गांव पहुंची तो कसाना परिवार के कई सदस्य एकत्र हो गए। उन्हें उम्मीद थी कि दौरा खत्म करने के बाद उनका भी पक्ष सुनने के लिए आयोग के सचिव आएंगे लेकिन वह उनके घर नहीं आए।

संतराज कसाना के मुताबिक राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की टीम ने एक तरफा रिपोर्ट शासन को भेज दी। उन्हें उम्मीद थी कि टीम घटना का सच जानेगी, लेकिन अधूरा सच जान कर चली गई। उन्हें उम्मीद नहीं है कि उनके साथ न्याय होगा।

चुनाव का वक्त है कुछ कहना ठीक नहीं
आयोग के सचिव जेएन चेंबर ने दौरा खत्म होने के बाद मीडिया के सवाल पूछे जाने पर कहा कि इन दिनों चुनाव का दौर चल रहा है। ऐसे में उनका कुछ भी कहना ठीक नहीं है। सब कुछ आप के सामने है। वह अपनी रिपोर्ट जल्द ही तैयार कर आयोग के अध्यक्ष को सौंप देंगे। इतना जरूर कहा कि पुलिस की कार्रवाई नाकाफी है।

मी‌डिया से हेल्प मांगने वाली स‌विता से ‌मिला आयोग

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कनावनी में पिछले दिनों मीडिया से मदद मांगने वाली दलित युवती से अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के सचिव ने रविवार को बातचीत की। युवती ने बताया कि जब कहीं से उसे मदद नहीं मिली तो मीडिया को आपबीती सुनाई।

कनावनी का दौरा करने आए जेएन चेंबर हेल्प मांगने वाली सविता और उसके पिता से मिले। युवती ने बताया कि घटना के तीन ‌दिन गुजरने के बाद भी गांव में खौफ का माहौल था। पुलिस और प्रशासन से भी उनको कोई मदद नहीं मिल रही थी। ऐसे में उसने स्वयं मीडिया से मदद मांगी और मीडिया को आपबीती सुनाई।

इसी के बाद लोगों तक हमारी बात पहुंची। इस दौरान उसने उस दिन की घटना और उसके बाद की गई तोड़फोड़ और जबरन उनकी दुकानों और मकानों में किराएदारों को खाली कराने की बात बताई। आयोग के सदस्य ने युवती की हिम्मत की तारीफ की।

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