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Satyendra Jain: सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हैं आरोपी
Fri, 11 Nov 2022 05:15 PM IST
अनुराग सक्सेना
एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Fri, 11 Nov 2022 05:15 PM IST
सार
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया था। इससे पहले अप्रैल महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थीं।
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सत्येंद्र जैन
- फोटो : Social Media
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विस्तार
दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनावई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोर्ट अपना फैसला 16 नवंबर को सुना सकता है।
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मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया था। इससे पहले अप्रैल महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थीं। इसमें अकिंचन डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की संपत्तियां शामिल थीं।
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जैन पर कथित आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियों को लॉन्च किया या खरीदा था। उन्होंने कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को भी सफेद किया था। जैन के पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2015 में केजरीवाल सरकार में मंत्री बनने के बाद जैन के सभी शेयर उनकी पत्नी के नाम कर दिए गए थे।
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मामला सामने आने पर गिरफ्तारी के बाद जब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के कागजात दिखाकर जैन से सवाल पूछे तो उन्होंने कोरोना के कारण याददाश्त चले जाने का दावा कर दिया। ईडी ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ही अदालत को यह बात बताई थी।