एम्स के पूर्व सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को झटका, सीआईसी के फैसले पर लगी रोक
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हाईकोर्ट से एम्स के पूर्व सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को झटका लगा है। अदालत ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) के आदेश पर रोक लगा दी है।
सीआईसी ने विगत 21 अप्रैल को आईबी व मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह चतुर्वेदी को अपनी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराए। साथ ही इस मुद्दे पर अदालत ने चतुर्वेदी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने चतुर्वेदी को स्पष्ट करने को कहा है कि क्यों न सीआइसी के फैसले को रद्द कर दिया जाए। चतुर्वेदी को 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
इससे पहले आईबी की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने अदालत को बताया कि सतर्कता व सुरक्षा संगठन आरटीआई एक्ट से बाहर हैं।
कोर्ट ने नोटिस जारी कर 9 अगस्त तक जवाब मांगा
वह आरटीआई एक्ट की धारा 24 (1) के तहत इस प्रकार की कोई भी जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं है। सीआईसी का ऑर्डर त्रुटिपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि आईबी की रिपोर्ट पहले ही चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) में दायर एक मुकदमे में दिखाई जा चुकी है। यह प्रति चतुर्वेदी को नहीं दी जा सकती। ऐसे में इस आदेश को रद्द किया जाए।
गौरतलब है कि चतुर्वेदी ने अपने मूल हरियाणा कैडर को बदलकर उत्तराखंड कैडर करने का आग्रह किया था। वहीं उन्होंने हरियाणा सरकार पर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया था।
इसी दौरान उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में आरटीआई के जरिये उनके मुद्दे पर आईबी द्वारा उन्हें सौंपी रिपोर्ट की प्रति देने की मांग की थी।