‘प्रधानमंत्री जी यमुना को भी बचाइए’
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नई दिल्ली। ‘प्रधानमंत्री जी जल्द ही विश्व पर्यावरण दिवस आने वाला है। आपके पास यह संदेश पहुंचाने दिल्ली आया हूं कि यमुना दिल्ली का दिल है और करोड़ों लोगों का जीवन-मरण इससे जुड़ी है।
जिस तरह से गंगा की स्वच्छता के लिए आप आगे आए हैं, उसी तरह से आपको यमुना के लिए भी आगे आना चाहिए। निरंतर मैली हो रही यमुना को बचाइए’।
वृंदावन से यमुना की स्वच्छता की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे संत लाल बाबा ने आईटीओ पुल के समीप अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करते हुए यह बात कही।
इलाहाबाद के संगम से जुड़ा मामला
यमुना बचाओ अभियान के तहत बाबा ने वजीराबाद से लेकर मथुरा और इलाहाबाद स्थित संगम तक यमुना के प्रवाह को बेहतर करने की मांग की।
सोमवार को आईटीओ पुल पर उन्होंने घर से लाई गई पूजन सामग्री और गंदगी को यमुना में नहीं डालने को लेकर लोगों को सचेत किया।
उनके द्वारा लोगों को सचेत करने का असर था कि पूजन सामग्री अथवा कूड़े को लोग आईटीओ पुल पर यमुना में डालने के बजाय यहां रखे गए पुष्पांजलि प्रवाह रथ में डाल रहे थे।
...तब तक भूख हड़तान खत्म नहीं करेंगे
बाबा की ओर से वहां दिल्लीवासियों की जागरूकता के लिए पोस्टर भी लगाया गया है। पोस्टर पर यमुना में फूल और कूड़ा न डालो, यमुना में गिरने वाले नाले बंद हो के संदेश दिए गए हैं।
साथ ही यमुना सुरक्षा के लिए टॉस्क फोर्स गठित किए जाने की मांग भी की गई है। उन्होंने बताया कि यमुना को प्रदूषण मुक्त करने का उनका लक्ष्य है। जब तक यह पूरा नहीं हो जाता है, तब तक उनकी भूख हड़ताल नहीं खत्म होगी।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनसे आस बंधी है कि गंगा के साथ ही यमुना भी स्वच्छ और निर्मल होगी। यमुना में गिरते नाले बंद होंगे।