प्रेमिका की हालत जान फूट-फूटकर रोया चंद्रमोहन
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प्रेमिका के लिए अपनी मौत की झूठी साजिश रचने वाले ग्रेटर नोएडा का आरटीआई व आप कार्यकर्ता चंद्रमोहन के सिर से प्यार का जुनुन अभी तक नहीं उतरा है।
उसको पत्नी से ज्यादा प्रेमिका की फिक्र है। जेल जाने से पहले उसने कहा कि छूटने के बाद वह सविता को तलाक देकर प्रेमिका से शादी कर लेगा। प्रीति के जेल चले जाने की बात सुनकर आरोपी पुलिस की मौजूदगी में रो पड़ा।
चंद्रमोहन ने सोमवार को रिमांड खत्म होने से पहले अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने की इच्छा जाहिर की। पुलिस ने सविता शर्मा से बात की लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार करते हुए कहा कि उससे उनका कोई नाता नहीं रहा है।
प्रीति के जेल चले जाने की बात सुनकर रो पड़ा
सूत्रों के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कुछ बातें करना चाहता था, लेकिन अब सविता को बता देना कि वह उसे तलाक देकर प्रेमिका के साथ जेल से जीवन बिताएगा।
इसके बाद सविता से उसका भी कोई रिश्ता नहीं रहेगा। हालांकि, बच्चों की बात करने पर वह चुप हो गया। चंदमोहन को पुलिस जब जेल ले जाने लगी तो उसने प्रेमिका प्रीति से मिलने की ख्वाहिश जाहिर की।
इस पर पुलिस ने उसे बताया कि प्रीति रविवार शाम को जेल चली गई है और उसको मामले में सहयोग देने का आरोपी बनाया गया है। यह बात सुनकर चंद्रमोहन पागल सा हो गया और अचानक रोने लगा। उसने कहा कि उसकी प्रेमिका को पुलिस ने क्यों फंसाया। वह तो उसके साथ जीवन बिताने का सपना देख रहा था।
पति की यादों को मिटा देना चाहती है सविता
पूरी घटना के बाद से सविता शर्मा ने अपने बच्चों को बस यही कहा था कि अब उन्हें पिता के बिना ही जीवन बिताना है। जैसे ही चंद्रमोहन के जीवित होने का समाचार मिला तो बच्चे भी पूछने लगे। लेकिन उन्होंने बच्चों को यही समझाया कि उनके पिता मर चुके हैं। जो जिंदा है, उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
सविता ने बच्चों के जीवन से चंद्रमोहन की हर याद को मिटा देना चाहती हैं। इस मामले का खुलासा नहीं होने तक घर पर चंद्रमोहन के फोटो लगी थी, लेकिन जैसे ही खुलासा हुआ, फोटो हटा दी गई। सविता ने बताया कि समाचार पत्रों में आए दिन चंद्रमोहन की खबर आ रही है।
बच्चों के हाथ अखबार न लगे, इसलिए उन्हें वह अलग स्थान पर रख देती हैं। टीवी पर बच्चों को न्यूज छोड़कर सारे चैनल देखने की छूट है। जब भी बच्चे पिता की बात करते हैं तो वह बात बदल देती हैं।
सोमवार को उन्होंने दोनों बच्चों का दिल बहलाने के लिए बैडमिंटन और टेनिस बॉल खरीदी। इसके अलावा रविवार को वह बच्चों को घुमाने के लिए भी लेकर गई थीं। उन्होंने अपने और बच्चों के जीवन से आरोपी की हर याद को मिटाना शुरू कर दिया है।
सविता की मानें तो उन्होंने पति के नाम के स्थान पर पिता का नाम लिखना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि चंदर की तलाक की बात सुनकर उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। अब तो वह स्वयं ही उससे दूर हो गई हैं। अब तो बेटा-बेटी ही उसका जीवन है।
जेल में झेलना पड़ा बंदियों का रूखा व्यवहार
चंद्रमोहन की प्रेमिका प्रीति ने जेल में पहले दिन खाना नहीं खाया और अन्य बंदियों के रूखे व्यवहार का उसे सामना करना पड़ा। पहले दिन वह सभी से अलग-थलग रही और बंदियों ने भी उस पर फब्तियां कसीं। हालांकि, सुबह होने पर प्रीति ने नाश्ता भी लिया और खाना भी खाया। उधर, सोमवार शाम को ऐसा ही हाल चंद्रमोहन का भी रहा।
उसे बंदियों ने भला-बुरा कहा। चंद्रमोहन ने सोमवार की शाम को खाना नहीं खाया और अन्य बंदियों से दूरी बनाकर रखी। डिपटी जेेलर राजेंद्र सिंह का कहना है कि पहले एक दो दिन तक बंदी ऐसा ही करते हैं।
तख्त पर नहीं सोया कोई
ग्रेटर नोएडा के तुगलकपुर के पास आज भी वह तख्त उस बेकसूर व्यक्ति की राह देख रहा है, जिसे चंद्रमोहन ने बड़ी बेदर्दी से जिंदा जला दिया था। अमर उजाला ने मौके पर जाकर लोगों से पूछा तो पता चला कि जिस दिन से जब से युवक गायब हुआ है, उस दिन से तख्त पर कोई नहीं सोया है। वहीं, अभी तक विक्षिप्त युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है।