फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   RRU theft and selling racket busted, three arrested

Delhi NCR News: आरआरयू की चोरी और बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Sep 2025 08:10 PM IST
विज्ञापन
- दिल्ली, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में करते थे चोरी
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मोबाइल टावर उपकरणों रिमोट रेडियो यूनिट (आरआरयू) की चोरी और उन्हें बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इनमें एक मोबाइल टावर लगाने वाला ठेकेदार शामिल हैं। इनके कब्जे से 30 आरआरयू बरामद किए गए हैं। ये दिल्ली, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आरआरयू चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने चोरी किए गए आरआरयू/बीबीयू को हांगकांग और फिर चीन भेजने के लिए कार्गो रूट का इस्तेमाल करते थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के पुलिस टीम ने न्यू जाफराबाद, दिल्ली में 23 अगस्त को घेराबंदी कर तीन आरोपियों जाफराबाद निवासी ज़ाहिद (34) और नांगल राय दिल्ली निवासी चंद्रकांत उर्फ अतुल (24 को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 10 आरआरयू बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से पता चला कि 2 आरआरयू दिल्ली व आंध्र प्रदेश से और 3 आरआरयू राजस्थान से चोरी किए गए थे। इनसे पूछताछ के बाद हौज़ रानी मालवीय नगर रह रहे और मूलरूप से कोलकाता निवासी समीर उर्फ मोहम्मद आफताब को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन

पूछताछ के बाद पुलिस ने शिपिंग लाइन प्राइवेट लिमिटेड, महिपालपुर से 20 चोरी की गई आरआरयू बरामद किए। इन्हें हांगकांग भेजने वाले थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए आरआरयू/बीबीयू को कार्गो कंसाइनमेंट के जरिए हांगकांग भेजा जाता था और फिर चीन भेजा जाता था, जहां उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठेकेदार शामिल था
आरोपियों ने खुलासा किया कि राजस्थान में एक मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन ठेकेदार चोरी में शामिल था। उसके पास मोबाइल टावरों के शीर्ष से आरआरयू इकाइयों को अलग करने का तकनीकी ज्ञान था। रिमोट रेडियो हेड एक ट्रांसीवर है जो आपको वायरलेस बेस स्टेशनों पर मिलेगा। ये ट्रांसीवर वायरलेस उपकरणों को वायरलेस नेटवर्क से जोड़ते हैं, जिससे अन्य चीजों के अलावा टेक्स्ट संदेश भेजना और प्राप्त करना संभव हो जाता है।

------
ठेकेदार के कर्मचारी भी शामिल थे
ठेकेदार के कर्मचारी आरआरयू की चोरी में सीधे तौर पर शामिल थे। उन्हें आरआरयू को लगाने व हटाने की अच्छी जानकारी थी। आरोपी इन आरआरयू की ऊंची कीमत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग से भी अच्छी तरह वाकिफ थे। चोरी के उपकरणों को फिर एम्पलीफायरों के नाम पर नकली और मनगढ़ंत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कार्गो एजेंटों के ज़रिए विदेश, खासकर हांगकांग भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed