मौत बनी तमाशा: चलती बाइक पर फोन से बात करने में डिवाइडर से टकराकर एक की मौत, मदद की भीख मांगता रह गया भतीजा, कोई न आया आगे
यह हादसा विवेक विहार के श्रेष्ठ विहार बस स्टैंड पर हुआ। चलती बाइक पर फोन कॉल करने के प्रयास में बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। जिसमें बाइक सवार चाचा की मौत हो गई, जबकि भतीजा घायल हो गया है।
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चलती बाइक पर फोन कॉल करना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका नमूना बुधवार रात दिल्ली के विवेक विहार इलाके में देखने को मिला। बाइक से भतीजे के साथ घर लौट रहे छेदी मुखिया (50) ने जैसे ही अपना फोन उठाया, उसकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक डिवाइडर और फिर उसकी रेलिंग से टकरा गई। हादसे में छेदी मुखिया के सिर में गंभीर चोट लगी और वह बेहोश हो गया। घायल होने के बाद छेदी का भतीजा हीरा शर्मा (30) राहगीरों से चाचा को अस्पताल ले जाने के लिए मदद की गुहार लगाने लगा, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। छेदी के बेटे की कॉल आई तो हीरा ने उसे तुरंत घटना स्थल पर बुला लिया। बाद में दोनों छेदी को हेड गेवार अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम कराकर छेदी मुखिया का शव परिवार के हवाले कर दिया है। विवेक विहार थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक छेदी मुखिया अपने परिवार के साथ विवेक विहार इलाके के त्रिवेनी अपार्टमेंट में रहता था। उसका अपना कारोबार था। परिवार में बेटे सूरज के अलावा अन्य सदस्य हैं। छेदी का भतीजा हीरा शर्मा परिवार के साथ राजीव कैंप स्थित झिलमिल कॉलोनी में रहता है। पिछले कुछ दिनों से छेदी के गाजीपुर स्थित दूसरे मकान पर काम चल रहा है। बुधवार रात को छेदी ने हीरा को घर पर बुलाया। उससे गाजीपुर वाले मकान का निर्माणाधीन बाथरूम को देखने के लिए कहा। दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर गाजीपुर पहुंचे। वहां हीरा ने निर्माण कार्य को देखा और देर रात करीब 11 बजे दोनों वापस विवेक विहार के लिए बाइक से निकल गए। बाइक छेदी चला रहा था।
दोनों विवेक विहार स्थित श्रेष्ठ विहार के बस स्टैंड पर पहुंचे थे। बाइक काफी तेज गति में थी। अचानक छेदी का फोन बजने लगा। छेदी ने बाइक रोककर कॉल उठाने के बजाए चलती बाइक से पहले हेलमेट उतारा और जेब से फोन निकालकर बात करनी चाही। इस बीच बाइक का संतुलन बिगड़ा और दोनों बाइक समेत डिवाइडर से टकरा गए। हेलमेट न होने की वजह से छेदी का सिर रेलिंग से टकराकर फट गया और खून बहने लगा। हीरा के घुटने में चोट लगी।
घायल होने के बाद भी वह चाचा के पास पहुंचा तब तक छेदी अचेत हो चुका था। उसने कई लोगों से मदद की गुहार लगाई। लेकिन काफी देर बाद भी कोई नहीं रुका। हीरा अपना फोन घर भूल आया था। चाचा के मोबाइल में भी लॉक लगा था। वह चाहकर भी मदद के लिए कॉल नहीं कर पा रहा था। इस दौरान चाचा के बेटे सूरज का कॉल और हीरा ने तुरंत सूरज को मौके पर बुला लिया। बाद में दोनों छेदी की बाइक पर ही उसे बीच में बिठाकर अस्पताल ले गए, जहां छेदी को मृत घोषित कर दिया गया। हीरा को इलाज के बाद गुरुवार सुबह छुट्टी दे दी गई। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।