चढ़ते पारे संग जानवरों का बदला डाइट प्लान, ग्लूकॉन डी के साथ मिल रहा एसी वार्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी आदमी ही नहीं चिड़ियाघर में रह रहे जानवर भी परेशान हैं। गर्मी और लू से बचाने के लिए जानवरों के डाइट प्लान में भी बदलाव किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों से जिस तरह पारा चढ़ा है, जानवरों को पानी की अधिक मात्रा वाले फल जैसे खरबूज, तरबूज, खीरा, ककड़ी के साथ ग्लूकॉन वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गई है।
यही नहीं उन्हें ठंडा रखने के लिए पानी की बौछार और कृत्रिम बारिश का सहारा भी लिया जा रहा है। चिड़ियाघर प्रशासन ने ऐसे में जानवरों पर निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी जानवर को लू ना लगे शरीर में पानी की कमी ना हो इसलिए उसे लिक्विड वाले फलों की मात्रा बढ़ा दी गई है। बाड़े में बंद सभी तरह के पक्षियों को भी आजकल ग्लूकॉन डी वाला पानी पिलाया जा रहा है।
खुले बाड़े को कवर करने की भी व्यवस्था की गई है। हाथी के बाड़े बने गड्ढे में कीचड़ के साथ पानी बढ़ा दिया गया है। उसे सुबह शाम दोनों टाइम नहलाया जा रहा है। मांसाहारी जानवरों का भोजन कम कर दिया गया है।
बाघ को भी पिलाया जा रहा ग्लूकॉन डी
चिड़ियाघर के क्यूरेटर रियाज खान के मुताबिक गर्मी को लेकर हम पहले से तैयारी रखते है। मगर पारा बढ़ते ही हम अलर्ट हो जाते है। शरीर में पानी की कमी के कारण भी लू लग सकता है। इसलिए पानी वाले फल ज्यादा खिलाते है। मांसाहारी जानवरों की डाइट कम कर देते है। उन्हें ज्यादा मात्रा में पानी पिलाते है। टाइगर्स को हफ्ते में एक दिन मांस खाने को नहीं दिया जाता है।
एसी वार्ड में रखा गया हिमालयन ब्लैक बीयर
चिड़ियाघर में बीते दिनों हिमाचल प्रदेश से लाए गए दो मेल हिमालयन ब्लैक बीयर (काले भालू) लाए गए है। उन्हें अभी तक इस माहौल में ढलने के लिए अलग रखा गया था। बीते दो से तीन दिनों में पारा तेजी से बढ़ने के बाद अब दोनों ब्लैक बीयर को चिड़ियाघर के अंदर स्थित अस्पताल में बने एसी वार्ड में शिफ्ट किया गया है। चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक यह ठंडे प्रदेश में रहने वाले जानवर है।
दिल्ली का तापमान अचानक से बढ़ जाने के कारण उसे ठंडक वाली जगह पर रखा गया है। अब उसे बाड़े में तापमान सामान्य होने के बाद निकाला जाएगा। बताते चले कि चिड़ियाघर में पहले से चार फीमेल हिमालयन ब्लैक बीयर थे। अब दो मेल ब्लैक बीयर को हिमाचल प्रदेश से मंगाया गया है।