इन दिग्गजों की किस्मत कुतर सकते हैं चूहे
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गाजियाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा अध्यक्ष की इज्जत दांव पर लगी है। यहां के बीजेपी उम्मीदवार जनरल वीके सिंह को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर लाया गया है कि क्योंकि पिछली बार राजनाथ ने यहां जीत दर्ज की थी।
वहीं केंद्र के भाजपा के आने पर वीके सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की बात की जा रही है। लेकिन यहां कांग्रेस ने राज बब्बर और आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी को मैदान में उतार कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। यहां कांटे की टक्कर होने आसार हैं।
ऐसे में अगर अगर चूहों ने ईवीएम में किसी तरह की कोई गड़बड़ी की, तो परिणामों पर खासे असर पड़ सकते हैं।
ईवीएम की बटन दबा सकते हैं चूहे
चुनाव के दौरान कुख्यात अपराधियों, जिला बदर बदमाशों, गैंगस्टरों और हथियारों पर नजर रखने वाले प्रशासन को इन दिनों अदना से कहे जाने वाले चूहों पर भी नजर रखनी पड़ रही है। नजर हटते ही चूहे कोई गुल न खिला दें, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
चूहों ने गाजियाबाद जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को चूहों से बचाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। ईवीएम के स्ट्रांग रूम में चूहे मारने की दवाएं रखी जा रही हैं, जिससे ईवीएम को कोई हानि नहीं पहुंचे।
गौरतलब है कि गाजियाबाद में 10 अप्रैल को मतदान हुआ था और 16 मई को काउंटिंग होनी है। आने वाले 17 दिनों तक ईवीएम को चूहों से सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
डीएम ने दिए चूहे मारने के आदेश
जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) एसवीएस रंगा राव ने मंडी में मौजूद चूहों से पूरी सतर्कता बरतने के बकायदा लिखित आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने प्रत्येक रूम में 25 पैकेट चूहे मारने की दवाएं रखने का निर्देश दिए हैं। बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री आर्म्ड फोर्स, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ईवीएम के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लगे हैं।
ये हाल गोविंदपुरम अनाज मंडी का है, जहां इन दिनों गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में हुए मतदान की ईवीएम रखी हुई है।