अलग ब्लड ग्रुप के बाद भी बेटे को दी मां ने किडनी
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सेक्टर-26 स्थित अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने 21 साल के एक युवक में किडनी प्रत्यारोपण का दुर्लभ ऑपरेशन किया है। युवक को उसकी मां की किडनी लगाई गई है, जिसमें मां का ब्लड ग्रुप उसके ब्लड ग्रुप से अलग है।
युवक को अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी है। अस्पताल की सीनियर कंसलटेंट यूरोलॉजी डॉ. विजया राजकुमार के नेतृत्व में यह ऑपरेशन हुआ है। टीम में डॉ. संजीव जसूजा, डॉ. समीर और डॉक्टर अनुराग शुक्ल ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कंसलटेंट नेफ्रोलॉजी डॉ. अनुराग शुक्ल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी सचिन (21) की दोनों किडनी खराब हो गईं। वह करीब एक माह से डायलिसिस पर था।
मां अपने मरीज बेटे को किडनी देना चाहती थी
55 वर्षीय मां अपने मरीज बेटे को किडनी देना चाहती थी। मरीज का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है जबकि मां का ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है।
ऐसे में दुर्लभ तकनीक अपनाई गई, जिसमें मरीज के शरीर का प्लाज्मा बदल दिया गया और प्रतिरोधक क्षमता खत्म करने वाली दवाएं दी गईं।
ऐसे में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बाहरी तत्व का विरोध नहीं कर पाती है और इस तरह के ऑपरेशन की सफलता का प्रतिशत बढ़ जाता है। 28 अक्तूबर को यह ऑपरेशन किया गया था। मरीज अब ठीक है। दूसरा ब्लड ग्रुप होने के बाद भी उसके शरीर ने किडनी को स्वीकार कर लिया है।